Wednesday, July 22, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

गेटमैन की चूक? जांच जारी

गेटमैन की चूक? जांच जारी

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में हाल में एक यात्री ट्रेन और स्कूल वैन के बीच हुई टक्कर की शुरुआती जांच में ड्यूटी पर तैनात गेटमैन की संभावित चूक की बात सामने आयी है. 17 जुलाई को हुई इस घटना में एक स्कूल वाहन निमतिता-कटवा यात्री ट्रेन की चपेट में आ गया था, जो कथित तौर पर खुले रेल फाटक से पटरी पर आ गया था. हादसे में 5 लोगों की मौत हो गयी थी, जिनमें चार बच्चे थे.

हादसे के समय फाटक खुला था या बंद?

हालांकि, रेलवे के 6 अधिकारियों द्वारा की गयी प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि घटना के समय रेलवे फाटक खुला था या बंद, क्योंकि उपलब्ध साक्ष्यों के अलग-अलग संस्करण सामने आये हैं. प्रारंभिक निष्कर्षों के आधार पर तैयार एक संयुक्त नोट में एक जगह कहा गया है कि दुर्घटना के समय रेलवे फाटक खुला हुआ था, जबकि दूसरे हिस्से में उल्लेख है कि वह यातायात के लिए बंद था.

10 सदस्यीय टीम कर रही है हादसे की जांच

घटना के तुरंत बाद रेलवे फाटक पर तैनात गेटमैन को गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि ड्यूटी में कथित लापरवाही के आरोप में रेलवे के एक स्थायी पथ निरीक्षक को निलंबित कर दिया गया था. पूर्व रेलवे ने दुर्घटना के कारणों का निर्णायक रूप से पता लगाने के लिए 10 सदस्यीय एक टीम का गठन किया है.

ये भी पढ़ें: मुर्शिदाबाद रेल हादसा: गेटमैन गिरफ्तार, मृतकों के परिजनों को रेलवे देगा 10 लाख रुपये मुआवजा

हादसे के समय कौन था गेटमैन, पता नहीं

संयुक्त नोट के अनुसार, घटना सुबह करीब 6:40 बजे पूर्व रेलवे के हावड़ा मंडल के कर्णसुबर्ण और खगराघाट रोड स्टेशन के बीच हुई. इसके अनुसार, उस दौरान टाटा सूमो ट्रेन संख्या 53054 (निमतिता-कटवा पैसेंजर) की चपेट में आ गया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि आरोपी गेटकीपर की ड्यूटी का समय शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक था. चूंकि घटना सुबह करीब 6:40 बजे हुई, इसलिए यह जांच का विषय है कि उस समय गेटकीपर की ड्यूटी कौन निभा रहा था.

शुरुआती रिपोर्ट में मृतकों की संख्या नहीं बतायी

रिपोर्ट में मृतकों की संख्या का उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन इसमें कहा गया है कि टाटा सूमो रेलवे क्रॉसिंग से करीब 15 मीटर दूर मिली थी. घटना वाले दिन अधिकारियों ने बताया था कि टक्कर में 4 छात्रों और एक साइकिल सवार की मौत हुई थी. इसमें यह भी बताया गया कि रेलवे फाटक रेलवे सिग्नल प्रणाली से इलेक्ट्रिक रूप से जुड़ा हुआ नहीं था और इसे खोलने-बंद करने के लिए एक गेटमैन तैनात था.

ये भी पढ़ें: मुर्शिदाबाद में ट्रेन की चपेट में आयी कार, दो स्कूली बच्चों समेत 3 लोगों की मौत

गेटकीपर अनूप कर्मकार के पास था दक्षता प्रमाणपत्र

प्रारंभिक जांच करने वाले अधिकारियों ने कहा कि शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक ड्यूटी पर रहे गेटकीपर अनूप कर्मकार के पास वैध दक्षता प्रमाणपत्र था. इसके अनुसार, स्टेशन मास्टर और गेटमैन के बीच हुई बातचीत के आधार पर एक महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आया है. इसके अनुसार, गेटमैन ने ट्रेन संख्या 53054 (डाउन) के लिए सुबह 6:27 बजे और ट्रेन संख्या 13431 (अप) के लिए सुबह 6:28 बजे फाटक बंद किया था.

रेल लाइन पर टाटा सूमो को नहीं देख पाये थे चालक

संयुक्त रिपोर्ट में लोको पायलट और सहायक लोको पायलट (एएलपी) के बयान भी दर्ज किये गये हैं. दोनों ने कहा कि पटरी पर मोड़ होने के कारण वे टाटा सूमो को पर्याप्त दूरी से नहीं देख पाये और आपातकालीन ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोकने का पर्याप्त समय नहीं मिला. चालक दल ने मोड़ के बाद अचानक पटरी पर एक वाहन को देखा. एएलपी ने आपातकालीन ब्रेक लगाया और हॉर्न बजाया, लेकिन वाहन नहीं हटा और ट्रेन उससे टकराने के बाद रुकी.

ये भी पढ़ें: बेंगलुरु से मुर्शिदाबाद आ रहे प्रवासी श्रमिक को ट्रेन से फेंका, टीएमसी ने लगाये गंभीर आरोप

रेलवे ने जारी किया था बयान

घटना वाले दिन रेल मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा था कि ट्रेन संख्या 13431 के अप दिशा में गुजरने के बाद फाटक खोल दिया गया था और स्कूल वाहन पटरी वाले हिस्से पर पहुंच गया, जहां वह आ रही निमतिता-कटवा पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आ गया. मंत्रालय ने गेटकीपर की ओर से हुई चूक की बात भी स्वीकार की थी.

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles