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पश्चिम सिंहभूम जिले के गोइलकेरा थाना क्षेत्र के दुगुनिया गांव में एक पूर्व नक्सली की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान 32 वर्षीय रमेश चांपिया उर्फ चमड़ा के रूप में हुई है। हमलावरों ने उसे देर रात घर से उठाया और पीट-पीटकर मार डाला। पुलिस के अनुसार, रमेश चांपिया पहले भाकपा माओवादी नक्सली संगठन से जुड़ा था। वह एक नक्सली घटना के आरोप में जेल भी जा चुका था। जेल से रिहा होने के बाद उसने संगठन से दूरी बना ली थी और सामान्य जीवन व्यतीत कर रहा था। वर्तमान में वह डेरुवा-मनोहरपुर सड़क निर्माण कार्य में मुंशी के तौर पर कार्यरत था। पत्नी को धमकाकर वापस घर भेज दिया देर रात करीब 11 बजे 4-5 हथियारबंद लोग रमेश के घर पहुंचे। उन्होंने उसे बाहर बुलाया और अपने साथ ले गए। जब मृतक की पत्नी ने इसका विरोध किया, तो हमलावरों ने उसे धमकाकर वापस घर भेज दिया। इसके बाद रमेश को घर से लगभग 500 मीटर दूर पहाड़ी इलाके में ले जाया गया। वहां डंडों से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई। हमलावरों ने उसके शरीर के संवेदनशील हिस्सों पर भी गंभीर वार किए थे। हत्या के बाद आरोपियों ने शव को गोइलकेरा-मनोहरपुर मुख्य सड़क किनारे फेंक दिया और मौके से फरार हो गए। शनिवार सुबह ग्रामीणों ने सड़क किनारे शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मुखबिरी के शक में हत्या किए जाने की आशंका सूचना मिलते ही गोइलकेरा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए चक्रधरपुर अनुमंडल अस्पताल भेज दिया है। गोइलकेरा थाना प्रभारी विकास मुंडा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मुखबिरी के शक में हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। पुलिस सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने कहा है कि यह मामला बेहद गंभीर है और हर एंगल से इसकी जांच की जा रही है।

