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बिहार सरकार ने राज्य में 12 ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का फैसला किया है। इन 12 शहरों में दरभंगा शहर को भी शामिल किया गया है। इसके लिए राज्य सरकार और हुडको के बीच 1 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता संबंधी समझौता किया गया है। इस समझौते का दरभंगा सांसद एवं लोकसभा में भाजपा के सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे दरभंगा सहित पूरे मिथिला क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक और दूरगामी पहल बताया। “मिथिला ग्रीन सिटी” को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान सांसद डॉ. ठाकुर ने कहा, ‘बिहार सरकार द्वारा दरभंगा समेत राज्य में 11 नए ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने का फैसला प्रदेश के शहरी विकास में मील का पत्थर साबित होगा।’ उन्होंने कहा, ‘दरभंगा में “मिथिला ग्रीन सिटी” के रूप में विकसित होने वाली इस आधुनिक टाउनशिप से शहर को नई पहचान मिलेगी। राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इसकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी।’ 102 राजस्व गांवों की भूमि चिन्हित की गई सासंद ने बताया कि दरभंगा में करीब 1600 एकड़ भूमि पर इस टाउनशिप का विकास प्रस्तावित है। इसके लिए हनुमाननगर, बहादुरपुर और केवटी अंचल के 102 राजस्व गांवों की भूमि चिन्हित की गई है। यहां स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, चौड़ी सड़कें, आधुनिक आवासीय परिसर, स्कूल, कॉलेज, औद्योगिक क्षेत्र, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स तथा डिजिटल और विश्वस्तरीय नागरिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। भूमि देने वाले किसानों को 30 दिन में मिलेगा मुआवजा सांसद ने कहा, राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार में शहरीकरण का दायरा 35 प्रतिशत तक बढ़ाना है।’ उन्होंने यह भी कहा कि भूमि देने वाले किसानों के आवेदन प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर मुआवजा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। परियोजना से मिथिला क्षेत्र का होगा समग्र विकास- डॉ. गोपालजी ठाकुर डॉ. गोपालजी ठाकुर ने कहा, ‘मिथिला स्मार्ट ग्रीन सिटी’ परियोजना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित होगी। दरभंगा आर्थिक एवं सामाजिक विकास का नया केंद्र बनेगा।’ उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना मिथिला क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी और दरभंगा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।


