![]()
शेखपुरा जिले के घाटकुसुंभा प्रखंड को अब बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दर्जा मिलने की संभावना बढ़ गई है। यह जानकारी जदयू विधायक रणधीर कुमार सोनी और विधान पार्षद ललन प्रसाद ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। यह दर्जा मिलने से क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से हुए नुकसान का पूरा सरकारी लाभ मिल सकेगा। विधायक रणधीर कुमार सोनी और विधान पार्षद ललन प्रसाद ने रविवार को स्थानीय सर्किट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। उन्होंने बताया कि उनके प्रयासों से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, आपदा प्रबंधन मंत्री रत्नेश सदा, मुख्य सचिव और आपदा प्रबंधन सचिव ने बाढ़ की समस्या के स्थलीय निरीक्षण के लिए संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों का एक दल भेजा था। अधिकारियों ने यहां का दौरा कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया। फसल के नुकसान की भरपाई शुरू दोनों नेताओं ने बताया कि गंगा की सहायक हरोहर नदी के एक किनारे पर लखीसराय और दूसरे पश्चिमी किनारे पर शेखपुरा जिला है। लंबे समय से शेखपुरा को जल जमाव का क्षेत्र माना जाता रहा है, जबकि लखीसराय जिले वाले हिस्से को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दर्जा मिला हुआ था। इससे लखीसराय के लोगों को बाढ़ आपदा के समय सभी सरकारी लाभ मिल रहे थे, वहीं शेखपुरा के लोगों को सिर्फ सूखा चारा और प्लास्टिक शीट से संतोष करना पड़ता था। तीन चरणों में किया जाएगा फसल नुकसान का आकलन फिलहाल, सरकार ने यहां आपदा में फंसे लोगों की फसल के नुकसान की भरपाई शुरू कर दी है। सरकार ने फसल नुकसान का आकलन कर प्रति हेक्टेयर किसानों को 17,000 रुपए देने की मंजूरी दी है। यह राशि कृषि भूमि मालिकों के साथ-साथ खेती करने वाले बटाईदारों को भी दी जाएगी। फसल नुकसान का आकलन तीन चरणों में किया जाएगा। जदयू और एनडीए की सरकार ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्र की समस्या को गंभीरता से लिया है। इसके अलावा प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया के प्रश्नों का जवाब देते हुए जिले के अन्य क्षेत्रों में खुखाड़ की स्थिति के बारे में भी विधायक और विधान पार्षद द्वारा लोगों को हर संभव मदद का भरोसा देने का आश्वासन दिया गया।
घाटकुसुंभा को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दर्जा मिलने की संभावना बढ़ी:शेखपुरा में JDU विधायक और MLC ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी जानकारी
