चतरा जिले के इटखोरी स्थित बक्शा डैम के पानी में गौवंशीय पशु के तीन कटे हुए सिर तैरते हुए मिले। डैम में नहाने पहुंचे स्थानीय लोगों ने इसे देखा। इसके बाद यह सूचना गांव में फैल गई। बड़ी संख्या में लोग डैम के पास जुटने लगे। बक्शा डैम धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र है, जहां श्रद्धालु स्नान के बाद पास स्थित प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना करने जाते हैं। ऐसे पवित्र स्थल के पास इस तरह की घटना सामने आने से लोगों में गहरा आक्रोश हो गया। सड़क किया जाम, जम कर किया हंगामा घटना से नाराज ग्रामीणों ने नगवां चौक के समीप चतरा-इटखोरी मेन रोड को पूरी तरह जाम कर दिया। सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हंगामें की वजह से वाहनों की लंबी कतारें लग गई। यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय डीएसपी सुनील कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और खुद मोर्चा संभाला। प्रारंभ में उन्होंने ग्रामीणों से संयम बरतने और जांच के लिए समय देने की अपील की, लेकिन बढ़ते आक्रोश को देखते हुए तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। घर से मिला प्रतिबंधित मांस, दो धराए जाम हटते ही पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पृथ्वीपुर गांव में छापेमारी शुरू की। महज दो घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद जब उनके घर की सघन तलाशी ली गई, तो एक बड़े फ्रीजर से भारी मात्रा में छिपाकर रखा गया प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ। जिसे पुलिस ने तत्काल जब्त कर लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि त्योहार के अवसर पर प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी दी गई थी। बाद में पकड़े जाने के डर से साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने कटे हुए सिरों को रात के अंधेरे में बक्शा डैम में फेंक दिया था। डीएसपी ने बताया कि त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इलाके में शांति बहाल हो चुकी है।
चतरा में गौवंशीय पशु के तीन कटे सिर मिले:बक्शा डैम के पानी में तैर रहे थे सिर, लोगों ने किया हंगामा, दो घंटे में दो आरोपी पकड़ाए
चतरा जिले के इटखोरी स्थित बक्शा डैम के पानी में गौवंशीय पशु के तीन कटे हुए सिर तैरते हुए मिले। डैम में नहाने पहुंचे स्थानीय लोगों ने इसे देखा। इसके बाद यह सूचना गांव में फैल गई। बड़ी संख्या में लोग डैम के पास जुटने लगे। बक्शा डैम धार्मिक आस्था का भी प्रमुख केंद्र है, जहां श्रद्धालु स्नान के बाद पास स्थित प्रसिद्ध मां भद्रकाली मंदिर में पूजा-अर्चना करने जाते हैं। ऐसे पवित्र स्थल के पास इस तरह की घटना सामने आने से लोगों में गहरा आक्रोश हो गया। सड़क किया जाम, जम कर किया हंगामा घटना से नाराज ग्रामीणों ने नगवां चौक के समीप चतरा-इटखोरी मेन रोड को पूरी तरह जाम कर दिया। सैकड़ों की संख्या में जुटे लोगों ने असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। हंगामें की वजह से वाहनों की लंबी कतारें लग गई। यातायात पूरी तरह ठप हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुख्यालय डीएसपी सुनील कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और खुद मोर्चा संभाला। प्रारंभ में उन्होंने ग्रामीणों से संयम बरतने और जांच के लिए समय देने की अपील की, लेकिन बढ़ते आक्रोश को देखते हुए तुरंत कार्रवाई का भरोसा दिया। जिसके बाद ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया। घर से मिला प्रतिबंधित मांस, दो धराए जाम हटते ही पुलिस ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए पृथ्वीपुर गांव में छापेमारी शुरू की। महज दो घंटे के भीतर दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद जब उनके घर की सघन तलाशी ली गई, तो एक बड़े फ्रीजर से भारी मात्रा में छिपाकर रखा गया प्रतिबंधित मांस बरामद हुआ। जिसे पुलिस ने तत्काल जब्त कर लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि त्योहार के अवसर पर प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी दी गई थी। बाद में पकड़े जाने के डर से साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उन्होंने कटे हुए सिरों को रात के अंधेरे में बक्शा डैम में फेंक दिया था। डीएसपी ने बताया कि त्वरित कार्रवाई के चलते स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। इलाके में शांति बहाल हो चुकी है।


