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चतरा जिले के सदर प्रखंड स्थित भोज्या गांव में रविवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां तालाब में डूबने से मां और उसकी दो मासूम बेटियों की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी खीरू यादव की पत्नी परवा देवी अपनी 8 वर्षीय बेटी गीता कुमारी और 6 वर्षीय मालती कुमारी के साथ सुबह ‘बड़का आहार’ तालाब पर कपड़े धोने गई थीं। परवा देवी तालाब किनारे कपड़े धो रही थीं, जबकि दोनों बच्चियां पास में खेल रही थीं। इसी दौरान खेलते-खेलते छोटी बेटी मालती का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। बेटी को डूबता देख मां परवा देवी उसे बचाने के लिए तुरंत तालाब में कूद गईं, लेकिन गहराई और फिसलन ने उन्हें भी अपनी गिरफ्त में ले लिया। बड़ी बहन भी बचाने उतरी, तीनों गहरे पानी में समाईं मां और छोटी बहन को पानी में संघर्ष करते देख 8 वर्षीय गीता कुमारी भी उन्हें बचाने के इरादे से तालाब की ओर बढ़ी, लेकिन वह भी गहरे पानी में चली गई। देखते ही देखते तीनों एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में डूब गईं। काफी देर तक जब वे वापस नहीं लौटीं, तो परिजनों और ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। तालाब किनारे कपड़े और चप्पलें देखकर ग्रामीणों ने खोजबीन शुरू की। स्थानीय लोगों ने तालाब में उतरकर कड़ी मशक्कत के बाद तीनों के शवों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन पर लापरवाही का आरोप, मुआवजे की मांग घटना के बाद ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी घंटों तक मौके पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। इस हादसे के बाद खीरू यादव के घर में कोहराम मचा है। जिस आंगन में कभी बच्चियों की किलकारियां गूंजती थीं, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है। एक साथ तीन अर्थियां उठने की खबर से पूरा इलाका गमगीन है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और तालाबों के पास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

