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चतरा जिले के लावालौंग थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए पांच बाल अपचारियों को निरुद्ध किया है। जंगल में लड़की का शव महुआ के पेड़ से गमछे के सहारे लटका मिला था। शुरुआत में घटना को आत्महत्या माना जा रहा था, लेकिन पुलिस की जांच में हत्या की आशंका सामने आई। इसके बाद मामले की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस ने पांच बाल अपचारियों को चिह्नित किया। पुलिस अधीक्षक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जांच के दौरान घटना से जुड़े कई अहम साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने घटना को अंजाम देने के बाद साक्ष्य छिपाने और हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी। मामले के खुलासे के बाद इलाके में चर्चा और आक्रोश का माहौल है। घर से करीब 8 किलोमीटर दूर जंगल में मिलने पहुंचे थे आरोपी पुलिस अधीक्षक के अनुसार, घटना की योजना बनाकर आरोपी लड़के और लड़कियां अपने घरों से करीब आठ किलोमीटर दूर जंगल में मिलने पहुंचे थे। पुलिस की जांच में सामने आया कि वहां मोबाइल फोन पर अश्लील वीडियो देखे गए। इसके बाद स्थिति बिगड़ गई। पुलिस के मुताबिक, जब नाबालिग लड़की ने आरोपियों के कृत्य का विरोध किया, तो उन्होंने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। हालांकि, घटना से जुड़े इन तथ्यों की पुष्टि के लिए पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया भी शुरू की है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल और अन्य परिस्थितियों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि घटना की पूरी कड़ी स्पष्ट हो सके। गमछे के सहारे पेड़ से लटकाया शव, मोबाइल की भी जांच पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से नाबालिग के शव को महुआ के पेड़ से गमछे के सहारे लटका दिया गया था। जांच के दौरान आरोपियों के मोबाइल फोन की भी पड़ताल की गई। पुलिस का दावा है कि मोबाइल की सर्च हिस्ट्री में अश्लील वीडियो देखे जाने से जुड़े साक्ष्य मिले हैं। पूछताछ में भी आरोपियों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और मृतका के शरीर से प्राप्त नमूनों को फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) जांच के लिए भेजा गया है। वैज्ञानिक जांच की रिपोर्ट से मामले में आगे की कार्रवाई को मजबूती मिलने की उम्मीद है। पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों का मिलान कर रही है, ताकि घटना के संबंध में तथ्यों की पुष्टि की जा सके। किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश होंगे बाल अपचारी इस मामले में लावालौंग थाना कांड संख्या 77/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है। निरुद्ध किए गए पांचों बाल अपचारियों को किशोर न्याय बोर्ड (जेजेबी) के समक्ष प्रस्तुत करने की प्रक्रिया की जा रही है। मामले के उद्भेदन और छापेमारी दल में सदर एसडीपीओ सनी वर्धन, सिमरिया अंचल निरीक्षक पंकज कच्छप, लावालौंग थाना प्रभारी चंदन कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक विधायक प्रसाद यादव सहित सशस्त्र बल और स्थानीय चौकीदार शामिल थे। नवरात्र के दौरान सामने आई इस घटना से जिले में आक्रोश है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
चतरा में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या:पोर्न वीडियो देखकर घटना को दिया अंजाम, शव को महुआ के पेड़ से लटकाया था
