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चतरा जिले के मयूरहंड थाना क्षेत्र के करमा चौक स्थित एक मेडिकल हॉल में रविवार रात 18 माह के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान चौरिया गांव निवासी विवान कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों ने मेडिकल संचालक अरुण कुमार दांगी पर गलत दवा देने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजनों ने करीब एक घंटे तक सड़क जाम कर आवागमन बाधित कर दिया। सूचना मिलने पर थाना प्रभारी राहुल कुमार दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर जाम हटवाया। परिजनों का कहना है कि बच्चे को रविवार सुबह खांसी-बुखार के इलाज के लिए मेडिकल संचालक के पास लाया गया था। इलाज के बाद संचालक ने दवा दी। परिजन बच्चे को लेकर घर चले गए। घर पर दवा देने के करीब पांच मिनट बाद ही बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी। वह बेचैन हो गया और घबराहट के दौरान बगल में रखी पानी से भरी बाल्टी में जा गिरा। इसके बाद परिजन बच्चे को लेकर मेडिकल हॉल पहुंचे और वहां से बेहतर इलाज के लिए हजारीबाग ले जाने की तैयारी की गई। संचालक ने बाल्टी में डूबने की बात कही मामले में मेडिकल संचालक अरुण कुमार दांगी ने परिजनों के आरोप से अलग पक्ष रखा है। उनका कहना है कि परिजन रविवार शाम करीब 3:30 बजे बच्चे को दोबारा लेकर उनके पास आए थे। उस समय परिजनों ने खुद बताया था कि बच्चा पानी में डूब गया है। संचालक के अनुसार, बच्चे का पेट फूला हुआ देखकर उन्होंने तत्काल उसे हजारीबाग रेफर कर दिया था। बाद में बच्चे की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस ने शुरुआती कार्रवाई करते हुए मेडिकल संचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इसी दौरान डॉक्टर ने पुलिस को एक ऑडियो क्लिप सुनाई। पुलिस के अनुसार, ऑडियो में बच्चे के बाल्टी में डूबने की बात कही जा रही थी। इस आधार पर पुलिस ने फिलहाल मेडिकल संचालक को रिहा कर दिया। हालांकि, परिजन दवा खाने के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ने और मौत होने की बात कहते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। घटना के बाद मेडिकल हॉल के बाहर काफी देर तक लोगों की भीड़ जुटी रही। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज पुलिस ने बच्चे के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए चतरा सदर अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी राहुल दुबे ने बताया कि बच्चे की मौत की वास्तविक वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं है। परिजनों की ओर से गलत दवा देने का आरोप लगाया गया है। जबकि मेडिकल संचालक का कहना है कि बच्चा पानी में डूबा था। ऐसे में मौत गलत दवा के असर से हुई या पानी में डूबने के कारण, इसका स्पष्ट पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।
चतरा में बच्चे की संदिग्ध परिस्थिति में मौत:परिजन बोले- गलत दवा से मौत, मेडिकल संचालक का दावा- बाल्टी में डूबा था बच्चा
