चास के घनी आबादी वाले क्षेत्रों में वर्षों से जारी बिजली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की गंभीर समस्या का अब स्थाई समाधान किया जाएगा। बिजली विभाग ने चास, बाईपास, गुरुद्वारा और आसपास के चार प्रमुख फीडरों के विद्युत भार को संतुलित करने के लिए तीन नए फीडरों के निर्माण की योजना को मंजूरी दी है। इससे हजारों उपभोक्ताओं को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली मिलेगी। विदित हो कि चास, गुरुद्वारा और बाइपास फीडर का निर्माण आज से 25 वर्ष पहले हुआ था। उस समय आबादी के अनुरूप फीडर का निर्माण हुआ था। अब इन क्षेत्रों की तेजी से बढ़ी आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण चास, बाईपास और गुरुद्वारा के वर्तमान चार फीडरों पर क्षमता से अधिक लोड है। ऐसे में आए दिन फीडर ट्रिप होना और लाइन फॉल्ट होना आम बात हो गई थी। नए तीन फीडर बनने से मौजूदा चार फीडरों पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव 50% तक कम हो जाएगा। इससे ओवरलोड नहीं होंगे और ट्रिपिंग व ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं पर लगाम लगेगी। साथ ही लो वोल्टेज की समस्याएं खत्म होगी। इस पर कार्यपालक अभियंता एसबी तिवारी ने बताया कि चास प्रमंडल के बाईपास, गुरुद्वारा और चास फीडर में सबसे ज्यादा लोड रहता है। इन फीडरों में एक-एक अतिरिक्त फीडर के निर्माण से बिजली व्यवस्था में सुधार होगी। साथ ही इन क्षेत्रों के व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी नियमित और बेहतर बिजली मिलेगी इससे काम काज भी सुचारू ढंग से होगा।

