भास्कर न्यूज |जामताड़ा चोरी की मोटरसाइकिलों की खरीद-बिक्री से जुड़े मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण की अदालत ने सोमवार को दोनों दोषियों को छह-छह वर्ष के श्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने मकसूद अंसारी और शहाबुद्दीन अंसारी पर 50-50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर दोनों को डेढ़-डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला जामताड़ा थाना कांड संख्या 124/25 से संबंधित है। तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। प्राथमिकी के अनुसार, घटना के दिन पसोई मोड़ के समीप पुलिस वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान पुलिस ने मकसूद अंसारी को मोटरसाइकिल के साथ पकड़ा। वाहन के कागजात मांगे जाने पर वह वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने मकसूद अंसारी के घर पर छापेमारी की। उसकी निशानदेही पर घर से तीन अन्य मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जिन्हें पुलिस ने चोरी की बाइक बताया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने शहाबुद्दीन अंसारी के घर पर भी छापेमारी की, जहां से आठ मोटरसाइकिलें बरामद की गईं। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 12 गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई। अभियोजन की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर अदालत ने दोनों को दोषी करार दिया। इसके बाद सोमवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई हुई, जिसमें दोनों को छह-छह वर्ष के श्रम कारावास और 50-50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर दोनों को डेढ़-डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
