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छपरा में स्वास्थ्य विभाग ने होली पर घर लौटने वाले प्रवासी मजदूरों और आम लोगों को फाइलेरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। छूटे हुए लोगों को दवा खिलाने के उद्देश्य से एक सप्ताह का मॉप-अप राउंड चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत रेलवे स्टेशन, बस अड्डों, टेम्पो स्टैंड और प्रमुख चौक-चौराहों पर अस्थायी बूथ लगाकर फाइलेरिया रोधी दवा दी जाएगी। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर भी दवा सेवन सुनिश्चित करेंगे। जिले में 10 से 27 फरवरी तक सर्वजन दवा सेवन अभियान चलाया गया था। इस दौरान आशा और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर और बूथ लगाकर लक्षित लाभार्थियों को दवा खिलाई थी। अब जो लोग किसी कारणवश छूट गए हैं, उन्हें कवर करने के लिए यह विशेष मॉप-अप अभियान संचालित किया जा रहा है। एक सप्ताह का मॉप-अप अभियान अनिवार्य
अपर निदेशक सह फाइलेरिया राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. श्यामा राय ने सिविल सर्जन को अभियान प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भारत सरकार के NCVBDC की गाइडलाइन के अनुसार, 14 दिवसीय घर-घर और तीन दिवसीय बूथ गतिविधि के बाद एक सप्ताह का मॉप-अप अभियान अनिवार्य है। होली की छुट्टियों को देखते हुए यह अभियान अधिकतम 15 मार्च तक चलेगा। प्रवासियों तक दवा पहुंचाना बेहद जरूरी
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए अन्य राज्यों में रहते हैं और पर्व के समय घर लौटते हैं। इन प्रवासियों तक दवा पहुंचाना बेहद जरूरी है, क्योंकि एक भी व्यक्ति छूटने से संक्रमण की कड़ी बनी रह सकती है। इसी कारण भीड़भाड़ वाले स्थलों पर विशेष बूथ स्थापित किए जा रहे हैं। जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. भूपेंद्र कुमार ने फाइलेरिया उन्मूलन के लिए शत-प्रतिशत दवा सेवन को आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर जिला स्तर तक निगरानी बढ़ाई गई है ताकि समय पर लक्ष्य हासिल कर जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि दवा पूरी तरह सुरक्षित है और इसे अवश्य सेवन करें, ताकि स्वस्थ और सुरक्षित होली मनाई जा सके।
छपरा में होली से पहले फाइलेरिया पर वार:प्रवासियों के लिए मॉप-अप अभियान तेज,स्टेशन-बस अड्डों पर दवा बूथ, घर-घर पहुंचेंगी स्वास्थ्य टीमें
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