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पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जमुई के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने सदर थाना गोद लिया है। इस पहल का उद्देश्य पुलिस व्यवस्था में सुधार लाना है। एसपी ने शुक्रवार शाम को थाना पहुंचकर अधिकारियों के साथ विस्तृत समीक्षा बैठक की। एसपी ने बताया कि थाना गोद लेने का मुख्य लक्ष्य केवल भौतिक बदलाव नहीं, बल्कि पुलिसिंग की कार्यशैली में सकारात्मक परिवर्तन लाना है। उन्होंने जोर दिया कि थाने में आने वाले प्रत्येक फरियादी के साथ पुलिस का व्यवहार सम्मानजनक और संवेदनशील होना चाहिए, जिससे लोगों का पुलिस पर विश्वास और मजबूत हो सके। अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए समीक्षा के दौरान, एसपी ने लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन, मालखाना की सुव्यवस्थित व्यवस्था और डिजिटल पोर्टल के अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से पुलिस कार्यों में पारदर्शिता और गति आएगी। बैठक में लंबे समय से थाने में खड़ी जब्त वाहनों की समस्या पर भी चर्चा हुई। एसपी ने निर्देश दिया कि जिन वाहनों का निष्पादन लंबित है, उनके संबंध में न्यायालय और जिला पदाधिकारी को प्रतिवेदन भेजा जाए, ताकि कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनका जल्द से जल्द निपटारा किया जा सके। निष्पादन का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया एसपी ने स्पष्ट किया कि वे इस अभियान की निगरानी स्वयं करेंगे। उन्होंने एक इंस्पेक्टर और अन्य अधिकारियों को प्रतिदिन कम से कम 20 जब्त वाहनों की पहचान कर उनके निष्पादन का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है। एसपी ने बताया कि मुख्यालय की मंशा है कि गोद लिए गए थानों को इस तरह विकसित किया जाए कि वहां प्रवेश करते ही फरियादियों को विश्वास, पारदर्शिता और बेहतर पुलिस व्यवस्था का अनुभव हो।

