
Jamui News: बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा और छात्र के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस जघन्य मामले में जमुई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नंदन यादव, हरेराम यादव और वीडियो बनाने वाले रामाशीष चौधरी समेत कुल आठ लोगों को दबोच लिया है. लेकिन मड़वा पहाड़ी के पीछे स्थित प्रतापपुर गांव से सामने आई जमीनी हकीकत और भी ज्यादा हैरान कर देने वाली है. जांच में खुलासा हुआ है कि वारदात की शुरुआत में मुख्य आरोपी नंदन और हरेराम मौके पर मौजूद ही नहीं थे. सिर्फ एक फोन कॉल मिलते ही दोनों हैवानियत को अंजाम देने वहां पहुंचे थे.
तस्वीर खींच रहे छात्र-छात्रा को तीन किशोरों ने घेरा, भागने की कोशिश की तो फोन कर बुलाए दरिंदे
घटना की जमीनी सच्चाई की पड़ताल के दौरान गांव के लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर कई चौंकाने वाले खुलासे किए. बीते 19 सितंबर की शाम जब नाबालिग छात्र और छात्रा मड़वा पहाड़ी के पास मौजूद थे और फोटो खिंचवा रहे थे, तभी गांव के तीन किशोर (नाबालिग) उन्हें परेशान करने लगे. इन तीनों ने ही पहले दोनों छात्र-छात्रा को पहाड़ से नीचे उतारा और उनसे अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया. पीड़ित छात्र-छात्रा किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर भागने और अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे थे. इसी बीच गांव के ही एक अन्य लड़के ने मोबाइल से फोन करके नंदन यादव और हरेराम यादव को इस बात की सूचना दे दी.
लाल गमछा वाले नंदन की बर्बरता, गांव वालों ने कहा- 'उनकी करतूत ने पूरे गांव का सिर झुका दिया'
फोन आते ही नंदन यादव और हरेराम यादव मड़वा पहाड़ के पास पहुंच गए. तब तक पीड़ित छात्र-छात्रा डर के मारे थोड़ा आगे निकल चुके थे, लेकिन दोनों आरोपियों ने दोबारा उनका रास्ता रोक लिया और उनके साथ घिनौनी छेड़खानी शुरू कर दी. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में लाल गमछा पहने नंदन यादव की बर्बरता साफ नजर आ रही है. ग्रामीणों का कहना है कि अगर नंदन और हरेराम वहां नहीं पहुंचते, तो यह मामला इतनी गंभीर वारदात में तब्दील न होता. स्थानीय निवासियों के मुताबिक नंदन एक ट्रक में खलासी का काम करता है, जबकि हरेराम गांव में ही रहकर अवैध बालू के कारोबार से जुड़ा हुआ है. गांव वालों ने यह भी बताया कि ये युवक पहले भी गांव-देहात में छेड़खानी की ऐसी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं, लेकिन लोक लाज के डर से किसी पीड़ित परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी.
20 साल से फरार है मुख्य आरोपी का पिता, पुलिस शिकंजा कसने में जुटी
पुलिस जब मुख्य आरोपी नंदन यादव की आपराधिक कुंडली खंगालने पहुंची, तो एक और बड़ा खुलासा हुआ. नंदन का पिता भी पिछले 20 सालों से एक आपराधिक मामले में फरार चल रहा है और पुलिस से बचता फिर रहा है. अब जमुई पुलिस नंदन के फरार पिता पर भी शिकंजा कसने की तैयारी कर रही है. नंदन के परिवार में फिलहाल उसकी मां और एक बहन ही रहती हैं. इस पूरे मामले में पुलिस ने बेहद कड़ा रुख अपनाते हुए दो अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं. पहली प्राथमिकी में सात अज्ञात में से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और बाकी दो की पहचान की जा रही है.
Jamui News: वीडियो बनाने वाला और वायरल करने वाले भी सलाखों के पीछे, कुल 8 पर गिरी गाज
घटना का शर्मनाक वीडियो बनाने वाले आरोपी रामाशीष चौधरी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा सोशल मीडिया पर पीड़िता की निजता को ताक पर रखकर वीडियो वायरल करने के आरोप में तीन अन्य युवकों को गिरफ्तार किया गया है. वहीं, शुरुआत में छात्र-छात्रा को घेरने वाले तीनों नाबालिगों को पुलिस ने विधि निरुद्ध (कानूनी हिरासत) कर लिया है. इस तरह मामले में अब तक कुल आठ लोगों के खिलाफ शिकंजा कसा जा चुका है. गांव में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है और ग्रामीण आरोपियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं.
Also Read: 'मैथिली ठाकुर विधायक हैं, इसलिए रात में घूम सकती हैं', प्रशांत किशोर ने जमुई कांड पर किया रिएक्ट
The post जमुई कांड की इनसाइड स्टोरी: एक फोन कॉल और मड़वा पहाड़ पहुंचे दो दरिंदे, 20 साल से फरार पिता पर भी कसेगा शिकंजा appeared first on Prabhat Khabar.
