“जितेंद्र घर जमाई बनकर ससुराल में रहता था। उसका अपनी सास के साथ अवैध संबंध था और वह बड़ी साली से भी संबंध बनाना चाहता था। इसी बात को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था। जब पत्नी और साले को इसकी जानकारी हुई, तो दोनों नींद में उसकी हत्या कर शव को घर के पीछे करीब तीन फीट गहरे गड्ढे में दफना दिया।” जमुई के मोहनपुर थाना क्षेत्र के काला गांव के रहने वाले राहुल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही हैं। शुरुआती जांच के बाद पुलिस ने भी पारिवारिक विवाद और अवैध संबंध के एंगल की पुष्टि की है। हत्या के करीब 36 घंटे बाद मोहनपुर थाना पुलिस ने घर के पीछे दफनाए गए जितेंद्र के शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी, सास, बड़ी साली और साले की पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं, हत्या का मुख्य आरोपी साला फिलहाल फरार है। युवक की हत्या क्यों की गई, मृतक ससुराल में क्यों रहता था? परिजनों और ग्रामीणों का क्या कहना है? पुलिस ने क्या क्या खुलासे किए? पढ़िए पूरी रिपोर्ट.. पहले घटना से जुड़ी तस्वीरें… अब पूरा मामला पढ़िए…
जितेंद्र पंडित झारखंड के मधुपुर इलाके का रहने वाला था। करीब 10 साल पहले उसकी शादी जमुई के काला गांव निवासी रजनी से हुई थी। 2016 के सितंबर महीने में जितेंद्र के ससुर का निधन हो गया। इसके बाद सास और पत्नी ने जितेंद्र को उसके परिवार से कहकर अपने पास ही रख लिया। इसके बाद वह वहीं रहकर मजदूरी करने लगा। सालों तक सबकुछ ठीक चला। जितेंद्र और रजनी के दो बच्चे भी हुए, जिनमें पांच साल की बेटी और दो साल का बेटा शामिल है। इसके बाद जितेंद्र का संबंध उसकी सास से हो गया। शुरुआत में पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों ने इसे नजरअंदाज करता रहा। पत्नी ने पुलिस के सामने यह खुलासा किया है कि जिंतेंद्र शराब पीने लगा था, और आए दिन मारपीट करता था। मजदूरी करने जाने में भी आना-कानी करने लगा था। इन सब के बावजूद बड़ी दीदी यानी अपनी बड़ी साली के साथ भी संबंध बनाने की कोशिश करता था, और विरोध करने पर मारपीट पर उतर जाता था। जब हद से ज्यादा हो गया था, तब मैंने भैया को इसकी जानकारी दी। हत्या की रात क्या क्या हुआ…
बुधवार (20 मई) की रात परिवार के सभी सदस्य छत पर सो रहे थे। जितेंद्र भी गहरी नींद में था, कि अचानक पत्नी और साले ने मिलकर उसे सिर में चोट पहुंचाकर उसकी हत्या कर दी। ग्रामीण महेंद्र का कहना है कि आधी रात घर से कुछ आवाजें आई थी, लेकिन हमलोगों ने सोचा कि ये उस घर के रोज की कहानी हो गई है। इसलिए हम देखने नहीं गए। इसके बाद सुबह सबकुछ सामान्य था। परिवार के सभी लोग वहीं थे, और अपने-अपने काम में लगे हुए थे। लेकिन जितेंद्र कहीं दिख नहीं रहा था। जब हमलोग घर के बगल में गए तो काफी तेज और अजीब सी बदबू आ रही थी। जिसके बाद हमलोगों ने अपने स्तर जांच की तो उसके घर के पीछे से लाश की बदबू समझ आई, इसके बाद हमने पुलिस को सूचना दी। 6 घंटे तक पुलिस परिवार के इंतजार में रही
ग्रामीणों की सूचना पर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को निकालने से पहले लड़के के परिजनों को सूचना दी, और उन्हें मौके पर पहुंचने को कहा, साथ ही एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया। इधर परिवार की सभी चार महिलाओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया, और पूछताछ शुरू की, जिसमें खुलासा हुआ कि जितेंद्र की मौत हो गई है। पत्नी ने पुलिस से कहा कि जितेंद्र हमारे साथ ही छत पर नशे की हालत में सोया था। अचानक आधी रात वह छत से कूद गया। जिससे उसकी मौत हो गई। उसे किसी ने नहीं मारा है। मां बोली- परिवार वालों ने छिपाया, थाने से सूचना मिली घटना स्थल पर पहुंची मृतक जितेंद्र की मां ने कहा कि मेरा बेटे को घर जमाई बनाकर रखा गया था। सभी अच्छे से रह रहे थे। बेटे को दो बच्चे भी है। मैने अपने समधन से पूछा कि ये कैसे हुआ तो उन्होंने कहा छत से गिर गया है। अगर छत से गिरा होता तो ये लोग हमें बताते, लेकिन मुझे एक दिन बाद थाने से बेटे की मौत की सूचना मिली। मेरे बेटे की किसी से भी अवैध संबंध नहीं था। वह 10 साल से ससुराल में रह रहा था। एसडीपीओ बोले- सिर चोट की पुष्टि हुई
सदर एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि जितेंद्र की हत्या करके उसके शरीर को घर के पिछवाड़े में 3 फीट गड्ढे में दफना दिया गया। ग्रामीणों की सूचना पर महनपुर थाना अध्यक्ष और सीडीपीओ के द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। उन्होंने बताया कि चार लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतक और परिवार के लोगों के बीच बुधवार की रात मारपीट हुई थी। इसी क्रम में जितेंद्र पंडित के सिर में चोट आई थी। जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद ही घटना की पूरी जानकारी मिल पाएगी।

