जमुई में बरनार जलाशय निर्माण से प्रभावित सैकड़ों किसानों ने सोमवार को 75 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू की। यह पदयात्रा पुनर्वास, उचित मुआवजे और अन्य सात सूत्री मांगों को लेकर भाकपा माले, आदिवासी संघर्ष मोर्चा और अखिल भारतीय किसान महासभा के संयुक्त तत्वावधान में निकाली गई। पदयात्रा का नेतृत्व भाकपा माले के बिहार राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह, किसान महासभा के जिला सचिव मनोज कुमार पांडेय, खेत मजदूर नेता बासुदेव राय, संजय राय और आदिवासी संघर्ष मोर्चा के जिला संयोजक कल्लू मरांडी ने किया। किसान लाल झंडों के साथ बटिया, कालीपहाड़ी, खपरिया और डुमरी होते हुए सोनो चौक पहुंचे, जहां एक सभा आयोजित की गई। सभा की अध्यक्षता जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने की स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक पुनर्वास की गारंटी शामिल
सभा को संबोधित करते हुए बाबू साहब सिंह ने बताया कि बरनार जलाशय निर्माण से सैकड़ों आदिवासी और किसान परिवारों के घर, खेत, विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र और स्वास्थ्य सुविधाएं डूब क्षेत्र में आ जाएंगी। उन्होंने सरकार से भूमि अधिग्रहण से पहले प्रभावित परिवारों का पुनर्वास सुनिश्चित करने की मांग की। किसानों की प्रमुख मांगों में जमीन के बदले जमीन, आजीविका के लिए सरकारी नौकरी, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और सम्मानजनक पुनर्वास की गारंटी शामिल है। इसके अतिरिक्त, एनएच-333ए चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि का वर्तमान एमवीआर के पांच गुना के बराबर मुआवजा देने की भी मांग की गई। बाबू साहब सिंह ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। पदयात्रा के समर्थन में इंडियन इंक्लूसिव पार्टी के जिला अध्यक्ष शंभू तांती भी शामिल हुए। इस दौरान कंचन रजक, खूबला राणा, सलीम अंसारी, प्रदीप मंडल सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे

