जलान फैक्ट्री में सोमवार को काम करते समय एक कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया। 50 वर्षीय अकरम खान, जो आजाद नगर लाल भवन के पास रहते हैं, मशीन की चपेट में आ गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घायल अकरम खान पिछले लगभग 20 वर्षों से फैक्ट्री में फाइटर के रूप में कार्यरत हैं। उनके करीबी नौशाद ने बताया कि हादसे के वक्त अकरम मशीन के बेल्ट के पास काम कर रहे थे। इसी दौरान किसी अन्य व्यक्ति ने मशीन का स्विच ऑन कर दिया, जिससे बेल्ट तेजी से घूमने लगा और अकरम उसकी चपेट में आ गए। बेल्ट की तेज रफ्तार के कारण वह दूर जा गिरे, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। नौशाद के अनुसार, डॉक्टरों ने अकरम खान की हालत गंभीर बताई है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चिंता का माहौल है। घायल के परिजनों और करीबियों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि मशीन के स्विच के पास उचित सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी होती, तो इस तरह की दुर्घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में पहले भी हुई दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीरता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया।
जलान फैक्ट्री में मशीन से कर्मी गंभीर रूप से घायल:हादसे में 50 वर्षीय स्टाफ की हालत नाजुक, सुरक्षा पर उठे सवाल
जलान फैक्ट्री में सोमवार को काम करते समय एक कर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया। 50 वर्षीय अकरम खान, जो आजाद नगर लाल भवन के पास रहते हैं, मशीन की चपेट में आ गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए अशर्फी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। घायल अकरम खान पिछले लगभग 20 वर्षों से फैक्ट्री में फाइटर के रूप में कार्यरत हैं। उनके करीबी नौशाद ने बताया कि हादसे के वक्त अकरम मशीन के बेल्ट के पास काम कर रहे थे। इसी दौरान किसी अन्य व्यक्ति ने मशीन का स्विच ऑन कर दिया, जिससे बेल्ट तेजी से घूमने लगा और अकरम उसकी चपेट में आ गए। बेल्ट की तेज रफ्तार के कारण वह दूर जा गिरे, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई। नौशाद के अनुसार, डॉक्टरों ने अकरम खान की हालत गंभीर बताई है। घटना की सूचना मिलते ही परिवार में चिंता का माहौल है। घायल के परिजनों और करीबियों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि मशीन के स्विच के पास उचित सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी होती, तो इस तरह की दुर्घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने औद्योगिक क्षेत्र में पहले भी हुई दुर्घटनाओं का हवाला देते हुए सुरक्षा मानकों को लेकर गंभीरता बरतने की आवश्यकता पर जोर दिया।


