सिटी रिपोर्टर | बोकारो खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद की ओर से सेक्टर-4एफ में शुक्रवार की शाम एक शोकसभा आयोजित कर बोकारो के साहित्यकारों ने खोरठा साहित्यकार व गायक खोरठा रत्न सुकुमार एवं देश के जाने-माने शायर बशीर बद्र को श्रद्धांजलि दी। खोरठा-हिंदी साहित्यकार प्रहलाद चंद्र दास की अध्यक्षता में हुई इस शोक सभा में उपस्थित साहित्यकारों ने खोरठा भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि एवं गायक सुरेश कुमार विश्वकर्मा सुकुमार के साहित्यिक व सांस्कृतिक अवदान की चर्चा की। शोकसभा में साहित्यकारों ने कहा कि डॉ. बशीर बद्र ने अपनी शायरी में जिस सहजता व सशक्त ढंग से आम आदमी व जीवन की सच्चाइयों को अभिव्यक्ति दी उसके लिए वे सदैव आदर के साथ याद किए जाएंगे। इस अवसर पर गोपाल प्रसाद, कुमार सत्येन्द्र, शांति भारत, अजय यतीश, अरुण पाठक, गिरिधारी गोस्वामी, डॉ. नागेश्वर महतो, श्याम सुंदर केवट रवि, शोधार्थी अशोक रजक, राजू प्रजापति, मानिक रजक, श्याम केवट, पंकज आदि थे।
जलेस व खोरठा साहित्य परिषद ने दी श्रद्धांजलि
सिटी रिपोर्टर | बोकारो खोरठा साहित्य संस्कृति परिषद की ओर से सेक्टर-4एफ में शुक्रवार की शाम एक शोकसभा आयोजित कर बोकारो के साहित्यकारों ने खोरठा साहित्यकार व गायक खोरठा रत्न सुकुमार एवं देश के जाने-माने शायर बशीर बद्र को श्रद्धांजलि दी। खोरठा-हिंदी साहित्यकार प्रहलाद चंद्र दास की अध्यक्षता में हुई इस शोक सभा में उपस्थित साहित्यकारों ने खोरठा भाषा के प्रसिद्ध साहित्यकार, कवि एवं गायक सुरेश कुमार विश्वकर्मा सुकुमार के साहित्यिक व सांस्कृतिक अवदान की चर्चा की। शोकसभा में साहित्यकारों ने कहा कि डॉ. बशीर बद्र ने अपनी शायरी में जिस सहजता व सशक्त ढंग से आम आदमी व जीवन की सच्चाइयों को अभिव्यक्ति दी उसके लिए वे सदैव आदर के साथ याद किए जाएंगे। इस अवसर पर गोपाल प्रसाद, कुमार सत्येन्द्र, शांति भारत, अजय यतीश, अरुण पाठक, गिरिधारी गोस्वामी, डॉ. नागेश्वर महतो, श्याम सुंदर केवट रवि, शोधार्थी अशोक रजक, राजू प्रजापति, मानिक रजक, श्याम केवट, पंकज आदि थे।


