जहानाबाद शहर के ऊँटा मोड़ स्थित श्री शिव महावीर शनि देव मंदिर में शनिवार को शनि देव जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। भक्तों ने विधि-विधान से शनि देव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और “जय शनि देव” के जयकारों से गूंजता रहा। जन्मोत्सव के लिए मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूल-मालाओं और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया था। बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने पूजा में हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने शनि देव को तेल, फूल, काला तिल और प्रसाद अर्पित कर आशीर्वाद लिया। कई भक्तों ने शनि दोष से मुक्ति और सुख-शांति के लिए विशेष पूजा भी करवाई। मंदिर के पुजारी त्रिलोकी पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि सच्चे मन से शनि देव की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। शाम को भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति और स्थानीय युवाओं ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुजारी त्रिलोकी पाठक ने बताया कि हर वर्ष शनि देव जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जो लोगों में आस्था और सामाजिक एकता को मजबूत करता है।
जहानाबाद में शनि देव जन्मोत्सव मनाया गया:ऊँटा मोड़ मंदिर में आरती का आयोजन, भक्तों ने सुख-समृद्धि की कामना की
जहानाबाद शहर के ऊँटा मोड़ स्थित श्री शिव महावीर शनि देव मंदिर में शनिवार को शनि देव जन्मोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। भक्तों ने विधि-विधान से शनि देव की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। पूरे दिन मंदिर परिसर भक्ति गीतों, मंत्रोच्चार और “जय शनि देव” के जयकारों से गूंजता रहा। जन्मोत्सव के लिए मंदिर को रंग-बिरंगी रोशनी, फूल-मालाओं और आकर्षक सजावट से भव्य रूप दिया गया था। बड़ी संख्या में महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं ने पूजा में हिस्सा लिया। श्रद्धालुओं ने शनि देव को तेल, फूल, काला तिल और प्रसाद अर्पित कर आशीर्वाद लिया। कई भक्तों ने शनि दोष से मुक्ति और सुख-शांति के लिए विशेष पूजा भी करवाई। मंदिर के पुजारी त्रिलोकी पाठक ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न कराई। उन्होंने बताया कि सच्चे मन से शनि देव की आराधना करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। शाम को भव्य आरती का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति और स्थानीय युवाओं ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पुजारी त्रिलोकी पाठक ने बताया कि हर वर्ष शनि देव जन्मोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है, जो लोगों में आस्था और सामाजिक एकता को मजबूत करता है।


