बैठक में शामिल जियाडा के पदाधिकारी, कर्मचारी व उद्यमी। सिटी रिपोर्टर | बोकारो जियाडा औद्योगिक क्षेत्र के समग्र विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए गुरुवार को जियाडा भवन सभागार में पीसीसी/एलएसी की एक महत्वपूर्ण बैठक उपायुक्त-सह-क्षेत्री य निदेशक अजय नाथ झा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में औद्योगिक इकाइयों से जुड़े कुल 13 लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया गया, जिसमें 04 लीज होल्ड राइट ट्रांसफर और 09 अतिरिक्त आइटम परिवर्तन से संबंधित थे। इस बैठक में जियाडा क्षेत्र की जर्जर सड़कों, नालों की सफाई, जलापूर्ति और वाटर बॉडी के संरक्षण, मजदूरों के लिए नए शौचालय, खराब पड़े स्ट्रीट लाइट पर नाराजगी जताते हुए युद्धस्तर पर मरम्मत के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी कंपनियों को समन्वित रूप से कार्य करने और एक साझा विकास बजट तैयार करने का अनूठा सुझाव दिया। इसके अलावा, औद्योगिक सुरक्षा के मद्देनजर जियाडा क्षेत्र के लिए एक अलग फायर स्टेशन की स्थापना का प्रस्ताव तैयार करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले ओवरलोडेड व अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों पर भारी जुर्माना लगाने का सख्त निर्देश दिया गया।बैठक में क्षेत्रीय उप निदेशक जियाडा, कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल चास एसबी तिवारी, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और एससी-एसटी उद्यमी विकास संघ के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य बीते पांच वर्षों में उन निष्क्रिय औद्योगिक भूखंडों से जुड़ी है, जिन्हें उद्योग लगाने के नाम पर कौड़ियों के भाव आवंटित तो करा लिया गया, लेकिन वे आज भी धरातल पर बंजर पड़े हैं। जियाडा के आंतरिक सूत्रों और विभागीय समीक्षा के अनुसार, पिछले 05 वर्षों में लगभग 22 से अधिक ऐसी इकाइयां हैं, जिन्होंने आवंटन के बावजूद अब तक एक ईंट भी नहीं जोड़ी है। कई पूंजीपतियों ने केवल लैंड बैंक बनाने या भविष्य में ऊंचे दामों पर लीज ट्रांसफर का मुनाफा कमाने के लिए जमीन को दबाकर रखा हुआ है। इस कारण वास्तविक उद्यमियों को प्लांट लगाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। उद्यमियों ने जमीन लेकर अभी तक एक ईंट भी नहीं जोड़ा है, इसको भांपते हुए उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में निर्देश दिया कि जो इकाइयां नियमों का पालन नहीं कर रही हैं या निष्क्रिय हैं, वैसे ईकाईयों के जिम्मेवारों से शो कॉज किए जाए।
जियाडा का बुनियादी ढांचा सुधारने का निर्देश, 13 योजनाओं पर मुहर
बैठक में शामिल जियाडा के पदाधिकारी, कर्मचारी व उद्यमी। सिटी रिपोर्टर | बोकारो जियाडा औद्योगिक क्षेत्र के समग्र विकास और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए गुरुवार को जियाडा भवन सभागार में पीसीसी/एलएसी की एक महत्वपूर्ण बैठक उपायुक्त-सह-क्षेत्री य निदेशक अजय नाथ झा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में औद्योगिक इकाइयों से जुड़े कुल 13 लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन किया गया, जिसमें 04 लीज होल्ड राइट ट्रांसफर और 09 अतिरिक्त आइटम परिवर्तन से संबंधित थे। इस बैठक में जियाडा क्षेत्र की जर्जर सड़कों, नालों की सफाई, जलापूर्ति और वाटर बॉडी के संरक्षण, मजदूरों के लिए नए शौचालय, खराब पड़े स्ट्रीट लाइट पर नाराजगी जताते हुए युद्धस्तर पर मरम्मत के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने सभी कंपनियों को समन्वित रूप से कार्य करने और एक साझा विकास बजट तैयार करने का अनूठा सुझाव दिया। इसके अलावा, औद्योगिक सुरक्षा के मद्देनजर जियाडा क्षेत्र के लिए एक अलग फायर स्टेशन की स्थापना का प्रस्ताव तैयार करने और नियमों का उल्लंघन करने वाले ओवरलोडेड व अवैध रूप से पार्क किए गए वाहनों पर भारी जुर्माना लगाने का सख्त निर्देश दिया गया।बैठक में क्षेत्रीय उप निदेशक जियाडा, कार्यपालक अभियंता विद्युत प्रमंडल चास एसबी तिवारी, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद और एससी-एसटी उद्यमी विकास संघ के प्रतिनिधि मुख्य रूप से उपस्थित थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य बीते पांच वर्षों में उन निष्क्रिय औद्योगिक भूखंडों से जुड़ी है, जिन्हें उद्योग लगाने के नाम पर कौड़ियों के भाव आवंटित तो करा लिया गया, लेकिन वे आज भी धरातल पर बंजर पड़े हैं। जियाडा के आंतरिक सूत्रों और विभागीय समीक्षा के अनुसार, पिछले 05 वर्षों में लगभग 22 से अधिक ऐसी इकाइयां हैं, जिन्होंने आवंटन के बावजूद अब तक एक ईंट भी नहीं जोड़ी है। कई पूंजीपतियों ने केवल लैंड बैंक बनाने या भविष्य में ऊंचे दामों पर लीज ट्रांसफर का मुनाफा कमाने के लिए जमीन को दबाकर रखा हुआ है। इस कारण वास्तविक उद्यमियों को प्लांट लगाने के लिए जगह नहीं मिल पा रही है। उद्यमियों ने जमीन लेकर अभी तक एक ईंट भी नहीं जोड़ा है, इसको भांपते हुए उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है। बैठक में निर्देश दिया कि जो इकाइयां नियमों का पालन नहीं कर रही हैं या निष्क्रिय हैं, वैसे ईकाईयों के जिम्मेवारों से शो कॉज किए जाए।

