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भास्कर न्यूज| सिमडेगा एकल नारी शक्ति संगठन के द्वारा डाक बंगला परिसर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में एकल नारी उपस्थित थीं। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में एकल महिलाओं के संघर्ष, आत्मसम्मान और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाना था। मुख्य अतिथि समाजसेवी भरत प्रसाद तथा विशिष्ट अतिथि समाजसेवी अगुस्टिना सोरेंग उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत महिलाओं के स्वागत और उनके सम्मान के साथ की गई। भरत प्रसाद ने कहा कि इस सृष्टि को संभालने और आगे बढ़ाने का सबसे बड़ा दायित्व एक माँ निभाती है। एक माँ केवल बच्चे को जन्म ही नहीं देती बल्कि पूरे परिवार को संस्कार, प्रेम और अनुशासन के साथ जोड़कर रखती है। उन्होंने कहा कि जिस घर में माँ का सम्मान होता है, वह घर हमेशा खुशहाल और समृद्ध रहता है। उन्होंने कहा कि समाज में कई ऐसी महिलाएं हैं जो जीवन की कठिन परिस्थितियों के कारण अकेले ही परिवार की जिम्मेदारी निभा रही हैं। एकल नारी अपने बच्चों का पालन-पोषण करती हैं, घर संभालती हैं और समाज में अपने संघर्ष के बल पर आगे बढ़ती हैं।समाज का कर्तव्य है कि वह उनके सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों के लिए आगे आए। विशिष्ट अतिथि अगुस्टिना सोरेंग ने कहा कि महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं बल्कि महिलाओं के अधिकार, सम्मान और समान अवसर की बात करने का दिन है। उन्होंने कहा कि एकल नारियां समाज की मजबूत शक्ति हैं और उनके संघर्ष को सम्मान मिलना चाहिए। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही समाज में महिला सम्मान और अधिकारों को मजबूत करने का संकल्प लिया।
जिस घर में मां का सम्मान, वहां खुशहाली होती है : भरत
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