जेईई एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। जमशेदपुर के धुव कात्यायन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 295वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की है। वे झारखंड के स्टेट टॉपर बने हैं। वहीं, रांची के शौर्य शेखर ने 414वीं रैंक प्राप्त कर राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है। शौर्य रांची सिटी टॉपर भी बने हैं। इसके अलावा रांची के ही स्नेहल राज सिंह ने 635वीं रैंक हासिल कर राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस साल 1,79,694 छात्रों ने परीक्षा दी। इनमें से 56,880 क्वालीफाई हुए यानी 31.65% अभ्यर्थी कट-ऑफ पार करने में सफल रहे। यह पिछले नौ वर्षों में सबसे अधिक सफलता दर है। 2018 में यह आंकड़ा सिर्फ 20.62% था। 2025 (30.14%) और 2026 (31.65%) ही ऐसे दो साल रहे हैं, जब परीक्षा देने वाले 30% से ज्यादा छात्र क्वालीफाई हुए हैं। हालांकि, जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई कर लेना आईआईटी में दाखिले की गारंटी नहीं है। देशभर के सभी 23 आईआईटी में कुल 18 हजार से ज्यादा सीटें हैं। इसके मुकाबले इस साल 56,880 छात्र क्वालीफाई हुए हैं। यानी एक सीट के लिए औसतन 3 से ज्यादा सफल अभ्यर्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा है। दाखिला रैंक, श्रेणी और काउंसलिंग के आधार पर मिलता है।आईआईटी में सीटों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2016 में आईआईटी की 10,576 सीटें थीं। 2025 तक 18,160 हो गईं। इस साल की सीट मैट्रिक्स जोसा काउंसलिंग का शेड्यूल जारी होने के बाद घोषित की जाएगी। सीटों की संख्या में और बढ़ोतरी भी हो सकती है। वहीं, आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईआईटी और अन्य सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (जीएफटीआई) को मिलाकर कुल 62,853 सीटें हैं। इन सभी संस्थानों में दाखिला जोसा काउंसलिंग के माध्यम से दिया जाता है। शौर्य… टेस्ट, रिवीजन और स्पीड से मिली सफलता शौर्य शेखर को 360 में 239 अंक मिले हैं। शौर्य ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अभ्यास, टेस्ट और लगातार रिवीजन को दिया। उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान छोटी-छोटी गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। समय प्रबंधन पर ध्यान देने से अच्छे परिणाम मिलेंगे। ध्रुव…दिल्ली से मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग मे बीटेक करूंगा ध्रुव कात्यायन ने कहा-मेरा सपना आईआईटी दिल्ली, बॉम्बे या मद्रास से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने का था। 295वीं रैंक के साथ इन शीर्ष तीनों संस्थानों में सीएस ब्रांच मिलना थोड़ा मुश्किल है। इसलिए आईआईटी दिल्ली से ‘मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग’ में बीटेक करुंगा। पहली बार… क्वालीफाई करने वाली लड़कियां 10 हजार पार इस साल लड़कियों में सबसे अच्छी रैंक आरोही देशपांडे ने हासिल की है। उनकी कॉमन रैंक लिस्ट (सीआरएल) में 77वीं रैंक है। यानी ऑल इंडिया स्तर पर टॉप 76 में कोई लड़की नहीं है। हालांकि, क्वालीफाई करने वाली लड़कियों की संख्या बढ़ी है। 2016 में 4,570 छात्राएं जेईई एडवांस्ड में सफल हुई थीं। 2026 में यह संख्या 10,107 तक पहुंच गई यानी 10 साल में यह आंकड़ा दोगुने से भी अधिक हो गया। 10 साल के टॉपर्स का प्रदर्शन: दशक में दूसरी बार केमिस्ट्री में परफेक्ट स्कोर, लेकिन कुल स्कोर दशक का दूसरा न्यूनतम है जेईई एडवांस्ड: पिछले 10 वर्षों के टॉपर्स का प्रदर्शन विशेष नोट (2026): इस दशक में यह दूसरी बार है जब केमिस्ट्री में किसी टॉपर (शुभम कुमार) ने 120 में से 120 का परफेक्ट स्कोर हासिल किया है, हालांकि कुल स्कोर के मामले में यह इस दशक का दूसरा सबसे न्यूनतम स्कोर है। जेईई एडवांस्ड 2026: झारखंड के टॉप 5 स्टूडेंट्स हेमराज गुर्जर. कोटा|ये कहानी है, उन दो दोस्तों की, जिन्होंने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-1 और रैंक-2 हासिल की। रैंक-2 पर आए कबीर छिल्लर ने कहा- क्या हुआ जो मेरी फर्स्ट रैंक नहीं आई? शुभम दोस्त है। मैं दो साल से उसका कड़ा संघर्ष देख रहा हूं। वो रैंक-1 डिजर्व करता है। उसकी जगह कोई और होता तो शायद दुख होता। शुभम कहते हैं- 16 घंटे की बजाय क्वालिटी के 6 घंटे पढ़ो। नाश्ते में अंकुरित मूंग/फल खाएं। सुबह 9 से 12 और दोपहर 2:30 से 5:30 के बीच रुटीन सेट किया। फुटबॉल के नेशनल खिलाड़ी कबीर बोले- तैयारी के सफर का आनंद लीजिए। कोटा में पढ़ने वाले बिहार के शुभम की रैंक-1 है। उनके दोस्त कबीर की रैंक-2 है। कबीर का एक अंक कम है। हॉस्टल की चौथी मंजिल पर शुभम और 7वीं पर कबीर रहते हैं। दोनों दिनभर पढ़ते हैं, फिर टीटी खेलकर दिमाग फ्रेश करते हैं। शुभम ने कहा, 16-16 घंटे की जगह रोज 6 घंटे ठीक से पढ़ लें एक ही हॉस्टल की चौथी मंजिल पर शुभम, 7वीं पर कबीर रहते हैं टॉपर शुभम दिल्ली से है, ऐसा लगातार तीसरे साल; हर चौथा सफल छात्र मद्रान जोन से है आईआईटी जोन वाइज रिजल्ट की बात करें तो यह लगातार तीसरा वर्ष है जब आईआईटी दिल्ली जोन के छात्र ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। कुल सफल छात्रों में लगातार चौथे साल सबसे अधिक छात्र आईआईटी मद्रास/हैदराबाद जोन से हैं। इस बार यहां 14,294 छात्र सफल हुए हैं यानी सफल छात्रों में हर चौथा छात्र मद्रान जोन का है। सामान्य श्रेणी में न्यूनतम 92 अंक लाने वाले छात्र को क्वालीफाई किया गया है यानी तीनों विषयों में मिलाकर अनारक्षित वर्ग के जिन छात्रों ने 360 में से 92 अंक हासिल किए हैं, वे क्वालीफाइंग लिस्ट में हैं। यह अंक पिछले वर्ष से 18 अधिक हैं। ओबीसी श्रेणी के लिए इस बार क्वालीफाइंग मार्क 82 थे जबकि एससी और एसटी श्रेणी के छात्रों के लिए ये अंक 46 थे। इस बार जेईई एडवांस्ड में कॉमन रैंक लिस्ट की कट-ऑफ 25.56% रही।
जेईई एडवांस्ड…9 साल में सर्वाधिक 32% सफल जमशेदपुर के ध्रुव स्टेट और शौर्य रांची टॉपर बने
जेईई एडवांस्ड 2026 का रिजल्ट जारी हो गया है। जमशेदपुर के धुव कात्यायन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 295वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की है। वे झारखंड के स्टेट टॉपर बने हैं। वहीं, रांची के शौर्य शेखर ने 414वीं रैंक प्राप्त कर राज्य में दूसरा स्थान हासिल किया है। शौर्य रांची सिटी टॉपर भी बने हैं। इसके अलावा रांची के ही स्नेहल राज सिंह ने 635वीं रैंक हासिल कर राज्य में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस साल 1,79,694 छात्रों ने परीक्षा दी। इनमें से 56,880 क्वालीफाई हुए यानी 31.65% अभ्यर्थी कट-ऑफ पार करने में सफल रहे। यह पिछले नौ वर्षों में सबसे अधिक सफलता दर है। 2018 में यह आंकड़ा सिर्फ 20.62% था। 2025 (30.14%) और 2026 (31.65%) ही ऐसे दो साल रहे हैं, जब परीक्षा देने वाले 30% से ज्यादा छात्र क्वालीफाई हुए हैं। हालांकि, जेईई एडवांस्ड क्वालीफाई कर लेना आईआईटी में दाखिले की गारंटी नहीं है। देशभर के सभी 23 आईआईटी में कुल 18 हजार से ज्यादा सीटें हैं। इसके मुकाबले इस साल 56,880 छात्र क्वालीफाई हुए हैं। यानी एक सीट के लिए औसतन 3 से ज्यादा सफल अभ्यर्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा है। दाखिला रैंक, श्रेणी और काउंसलिंग के आधार पर मिलता है।आईआईटी में सीटों की संख्या लगातार बढ़ रही है। 2016 में आईआईटी की 10,576 सीटें थीं। 2025 तक 18,160 हो गईं। इस साल की सीट मैट्रिक्स जोसा काउंसलिंग का शेड्यूल जारी होने के बाद घोषित की जाएगी। सीटों की संख्या में और बढ़ोतरी भी हो सकती है। वहीं, आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपल आईआईटी और अन्य सरकारी वित्तपोषित तकनीकी संस्थानों (जीएफटीआई) को मिलाकर कुल 62,853 सीटें हैं। इन सभी संस्थानों में दाखिला जोसा काउंसलिंग के माध्यम से दिया जाता है। शौर्य… टेस्ट, रिवीजन और स्पीड से मिली सफलता शौर्य शेखर को 360 में 239 अंक मिले हैं। शौर्य ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अभ्यास, टेस्ट और लगातार रिवीजन को दिया। उन्होंने कहा कि तैयारी के दौरान छोटी-छोटी गलतियों से बचना बेहद जरूरी है। समय प्रबंधन पर ध्यान देने से अच्छे परिणाम मिलेंगे। ध्रुव…दिल्ली से मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग मे बीटेक करूंगा ध्रुव कात्यायन ने कहा-मेरा सपना आईआईटी दिल्ली, बॉम्बे या मद्रास से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग करने का था। 295वीं रैंक के साथ इन शीर्ष तीनों संस्थानों में सीएस ब्रांच मिलना थोड़ा मुश्किल है। इसलिए आईआईटी दिल्ली से ‘मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग’ में बीटेक करुंगा। पहली बार… क्वालीफाई करने वाली लड़कियां 10 हजार पार इस साल लड़कियों में सबसे अच्छी रैंक आरोही देशपांडे ने हासिल की है। उनकी कॉमन रैंक लिस्ट (सीआरएल) में 77वीं रैंक है। यानी ऑल इंडिया स्तर पर टॉप 76 में कोई लड़की नहीं है। हालांकि, क्वालीफाई करने वाली लड़कियों की संख्या बढ़ी है। 2016 में 4,570 छात्राएं जेईई एडवांस्ड में सफल हुई थीं। 2026 में यह संख्या 10,107 तक पहुंच गई यानी 10 साल में यह आंकड़ा दोगुने से भी अधिक हो गया। 10 साल के टॉपर्स का प्रदर्शन: दशक में दूसरी बार केमिस्ट्री में परफेक्ट स्कोर, लेकिन कुल स्कोर दशक का दूसरा न्यूनतम है जेईई एडवांस्ड: पिछले 10 वर्षों के टॉपर्स का प्रदर्शन विशेष नोट (2026): इस दशक में यह दूसरी बार है जब केमिस्ट्री में किसी टॉपर (शुभम कुमार) ने 120 में से 120 का परफेक्ट स्कोर हासिल किया है, हालांकि कुल स्कोर के मामले में यह इस दशक का दूसरा सबसे न्यूनतम स्कोर है। जेईई एडवांस्ड 2026: झारखंड के टॉप 5 स्टूडेंट्स हेमराज गुर्जर. कोटा|ये कहानी है, उन दो दोस्तों की, जिन्होंने जेईई एडवांस्ड में ऑल इंडिया रैंक-1 और रैंक-2 हासिल की। रैंक-2 पर आए कबीर छिल्लर ने कहा- क्या हुआ जो मेरी फर्स्ट रैंक नहीं आई? शुभम दोस्त है। मैं दो साल से उसका कड़ा संघर्ष देख रहा हूं। वो रैंक-1 डिजर्व करता है। उसकी जगह कोई और होता तो शायद दुख होता। शुभम कहते हैं- 16 घंटे की बजाय क्वालिटी के 6 घंटे पढ़ो। नाश्ते में अंकुरित मूंग/फल खाएं। सुबह 9 से 12 और दोपहर 2:30 से 5:30 के बीच रुटीन सेट किया। फुटबॉल के नेशनल खिलाड़ी कबीर बोले- तैयारी के सफर का आनंद लीजिए। कोटा में पढ़ने वाले बिहार के शुभम की रैंक-1 है। उनके दोस्त कबीर की रैंक-2 है। कबीर का एक अंक कम है। हॉस्टल की चौथी मंजिल पर शुभम और 7वीं पर कबीर रहते हैं। दोनों दिनभर पढ़ते हैं, फिर टीटी खेलकर दिमाग फ्रेश करते हैं। शुभम ने कहा, 16-16 घंटे की जगह रोज 6 घंटे ठीक से पढ़ लें एक ही हॉस्टल की चौथी मंजिल पर शुभम, 7वीं पर कबीर रहते हैं टॉपर शुभम दिल्ली से है, ऐसा लगातार तीसरे साल; हर चौथा सफल छात्र मद्रान जोन से है आईआईटी जोन वाइज रिजल्ट की बात करें तो यह लगातार तीसरा वर्ष है जब आईआईटी दिल्ली जोन के छात्र ने ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल की। कुल सफल छात्रों में लगातार चौथे साल सबसे अधिक छात्र आईआईटी मद्रास/हैदराबाद जोन से हैं। इस बार यहां 14,294 छात्र सफल हुए हैं यानी सफल छात्रों में हर चौथा छात्र मद्रान जोन का है। सामान्य श्रेणी में न्यूनतम 92 अंक लाने वाले छात्र को क्वालीफाई किया गया है यानी तीनों विषयों में मिलाकर अनारक्षित वर्ग के जिन छात्रों ने 360 में से 92 अंक हासिल किए हैं, वे क्वालीफाइंग लिस्ट में हैं। यह अंक पिछले वर्ष से 18 अधिक हैं। ओबीसी श्रेणी के लिए इस बार क्वालीफाइंग मार्क 82 थे जबकि एससी और एसटी श्रेणी के छात्रों के लिए ये अंक 46 थे। इस बार जेईई एडवांस्ड में कॉमन रैंक लिस्ट की कट-ऑफ 25.56% रही।

