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झारखंड लोकसेवा आयोग (जेपीएससी) की भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी मामले में सीआईडी ने जांच तेज कर दी है। सीआईडी की एसआईटी पांच मुख्य आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अब जांच एजेंसी का फोकस मास्टरमाइंड की तलाश करना है। एसआईटी ने रिमांड के दूसरे दिन रविवार को जेपीएससी की उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता, परीक्षा एजेंसी टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह, एजेंसी के मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी उर्फ मनोज कुमार तिवारी और दो कर्मचारी मो. उस्मान व मो. एबाद को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की। इस पूरे नेटवर्क और इसके मास्टरमाइंड का सुराग खंगालने में जुटी रही। आरोपियों पर कई गंभीर धाराएं लगाईं
सीआईडी ने एफआईआर में इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी धाराएं लगाई है। इनके खिलाफ बीएनएस की धारा 316(2) और 316(5) के अंतर्गत आपराधिक न्यासभंग (दी गई जिम्मेदारी का अपने फायदे के लिए इस्तेमाल), धारा 318(2) के तहत धोखाधड़ी, वहीं धारा 338, 336(3) और 340(2) के तहत जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और उनके उपयोग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा धारा 61(2) के तहत आपराधिक षड्यंत्र का मामला भी जोड़ा गया है, जो इस पूरे नेटवर्क के संगठित रूप से संचालित होने की ओर इशारा करता है। सीआईडी इन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर पूछताछ कर रही है और उनका बयान दर्ज कर रही है।

