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जेपीएससी 11वीं-13वीं सिविल सेवा, जेएसएससी सीजीएल, फूड सेफ्टी अफसर और सीडीपीओ नियुक्ति परीक्षा रद्द करने के सरकार के फैसले के खिलाफ दाखिल याचिका पर गुरुवार को झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस मामले में सरकार ने शपथ पत्र दायर किया। इस पर जवाब देने के लिए प्रार्थियों को 10 दिन का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी। तब तक नियुक्ति रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक जारी रहेगी। जवाब दाखिल करने के लिए कोर्ट ने सरकार को दो दिनों का दिया था समय इससे पूर्व 15 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा था। इस पर जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने नाराजगी जताई। कोर्ट ने कहा कि काउंटर एफिडेविट के लिए काफी समय दिया गया। लेकिन आपने जवाब दाखिल नहीं किया। अब फिर चार सप्ताह का समय मांगना गलत है। कोर्ट ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि सामूहिक रूप से इतनी नियुक्तियां रद्द करना तुगलकी फरमान है। फिर भी इस पर जवाब देने के लिए समय मांग रहे हैं। 48 घंटे से अधिक समय नहीं दे सकते। इसके बाद मामले की सुनवाई गुरुवार को हुई। 4 परीक्षाओं को रद्द करने के फैसले को चुनौती राज्य सरकार की ओर से नियुक्तियां रद्द किए जाने के बाद हाई कोर्ट में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं। इनमें सरकार की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई है, जिसके तहत जेपीएससी की 11वीं से 13वीं सिविल सेवा परीक्षा, खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी नियुक्ति, सीडीपीओ और जेएसएससी सीजीएल परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया था। सरकार ने उन परीक्षाओं को रद्द करने का फैसला लिया है, जिनमें TDPL की भूमिका रही थी। चूंकि इन चारों परीक्षाओं में नियुक्तियां हो चुकी थीं, इसलिए नियुक्त अभ्यर्थियों ने हाई कोर्ट का रुख किया। अदालत ने फिलहाल नियुक्तियां रद्द करने के सरकार के आदेश पर रोक लगाकर अभ्यर्थियों को राहत दी है।
जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा रद्द मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई:सरकार ने शपथ पत्र दायर किया, मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को
