जैक में सचिव का पद खाली: 16 जून से होने वाली मध्यमा परीक्षा लटकने के आसार, 6 लाख छात्रों के सर्टिफिकेट अटके झारखंड एकेडमिक काउंसिल के निवर्तमान सचिव जयंत झा के 31 मई को रिटायर होने के बाद से यह पद खाली पड़ा है। अब तक किसी की तैनाती नहीं होने से जैक का कामकाज ठप होने लगा है। इसका सीधा असर मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में सफल हुए 6.05 लाख स्टूडेंट्स पर पड़ रहा है। रिजल्ट जारी होने के डेढ़ महीने बाद भी उनकी मार्कशीट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट स्कूलों को नहीं भेजे जा सके हैं। सचिव न होने से इन 4 बड़े कामों पर पड़ा असर: छात्रों को सर्टिफिकेट का इंतजार: सामान्यत: रिजल्ट के 15 दिन के भीतर मार्कशीट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट स्कूलों को भेज दिए जाते हैं। दस्तावेज न मिलने से कॉलेज एडमिशन के लिए आवेदन कर रहे छात्रों की चिंता बढ़ गई है। मध्यमा परीक्षा पर असमंजस: 16 जून से प्रस्तावित मध्यमा परीक्षा जून के अंतिम सप्ताह तक चलनी है। परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन, गोपनीय सामग्री के वितरण और प्रशासनिक आदेशों के लिए सचिव का होना अनिवार्य है। 9वीं व 11वीं की विशेष परीक्षा प्रभावित: जैक इस साल पहली बार असफल छात्रों के लिए स्पेशल एग्जाम आयोजित कर रहा है। फॉर्म जमा होने के बाद परीक्षा कार्यक्रम और केंद्र निर्धारण की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। प्रमाणपत्रों का वेरिफिकेशन बाधित: सरकारी नौकरियों और अन्य संस्थानों से आने वाले अंकपत्र/प्रमाणपत्र सत्यापन (Verification) के आवेदन और नाम/जन्मतिथि सुधार के मामले लटक गए हैं। आंकड़ों में समझिए संकट जल्द नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन: मोर्चाशिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने खाली पदों को जल्द भरने की मांग की है। मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह का कहना है कि सचिव की नियुक्ति में देरी का सीधा असर छात्रों और शिक्षण संस्थानों पर पड़ रहा है। यदि जल्द फैसला नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जैक में सचिव नहीं, मैट्रिक-इंटर के छह लाख छात्रों के सर्टिफिकेट अटके
जैक में सचिव का पद खाली: 16 जून से होने वाली मध्यमा परीक्षा लटकने के आसार, 6 लाख छात्रों के सर्टिफिकेट अटके झारखंड एकेडमिक काउंसिल के निवर्तमान सचिव जयंत झा के 31 मई को रिटायर होने के बाद से यह पद खाली पड़ा है। अब तक किसी की तैनाती नहीं होने से जैक का कामकाज ठप होने लगा है। इसका सीधा असर मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में सफल हुए 6.05 लाख स्टूडेंट्स पर पड़ रहा है। रिजल्ट जारी होने के डेढ़ महीने बाद भी उनकी मार्कशीट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट स्कूलों को नहीं भेजे जा सके हैं। सचिव न होने से इन 4 बड़े कामों पर पड़ा असर: छात्रों को सर्टिफिकेट का इंतजार: सामान्यत: रिजल्ट के 15 दिन के भीतर मार्कशीट और प्रोविजनल सर्टिफिकेट स्कूलों को भेज दिए जाते हैं। दस्तावेज न मिलने से कॉलेज एडमिशन के लिए आवेदन कर रहे छात्रों की चिंता बढ़ गई है। मध्यमा परीक्षा पर असमंजस: 16 जून से प्रस्तावित मध्यमा परीक्षा जून के अंतिम सप्ताह तक चलनी है। परीक्षा केंद्रों के प्रबंधन, गोपनीय सामग्री के वितरण और प्रशासनिक आदेशों के लिए सचिव का होना अनिवार्य है। 9वीं व 11वीं की विशेष परीक्षा प्रभावित: जैक इस साल पहली बार असफल छात्रों के लिए स्पेशल एग्जाम आयोजित कर रहा है। फॉर्म जमा होने के बाद परीक्षा कार्यक्रम और केंद्र निर्धारण की रफ्तार सुस्त पड़ गई है। प्रमाणपत्रों का वेरिफिकेशन बाधित: सरकारी नौकरियों और अन्य संस्थानों से आने वाले अंकपत्र/प्रमाणपत्र सत्यापन (Verification) के आवेदन और नाम/जन्मतिथि सुधार के मामले लटक गए हैं। आंकड़ों में समझिए संकट जल्द नियुक्ति नहीं हुई तो आंदोलन: मोर्चाशिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मचारी संघर्ष मोर्चा ने खाली पदों को जल्द भरने की मांग की है। मोर्चा के अध्यक्ष रघुनाथ सिंह का कहना है कि सचिव की नियुक्ति में देरी का सीधा असर छात्रों और शिक्षण संस्थानों पर पड़ रहा है। यदि जल्द फैसला नहीं हुआ, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
