धनबाद जिले की झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क भू-धंसान के कारण बदहाल हो गई है। वर्ष 2022 में 44 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस सड़क का एक बड़ा हिस्सा बीच से धंस गया है, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह सड़क झरिया, बलियापुर, निरसा और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन है। प्रतिदिन हजारों लोग नौकरी, व्यवसाय, स्कूल और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क खराब होने के कारण लोगों को अब लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे उनके समय और पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क टूटे हुए कई महीने हो चुके हैं, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। प्रशासन और बीसीसीएल ने एक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की है, लेकिन बारिश के मौसम में इस रास्ते पर भी खतरा बढ़ गया है। लोगों को आशंका है कि लगातार बारिश से भू-धंसान की स्थिति और बिगड़ सकती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। जनता अब सरकार और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत की मांग कर रही है, ताकि सुरक्षित और सुगम आवागमन बहाल हो सके। इस मामले पर धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक डिपॉजिट राशि बीसीसीएल को जमा करनी है। प्रशासन ने लगभग तीन महीने पहले ही बीसीसीएल को इस संबंध में पत्र भेजा था और लगातार पत्राचार जारी है। उपायुक्त ने आगे बताया कि पथ निर्माण विभाग (RCD) द्वारा सड़क मरम्मत का अनुमान (एस्टिमेट) पहले ही तैयार कर भेजा जा चुका है। बीसीसीएल द्वारा फंड जमा करते ही सड़क का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैठकों में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया है और बीसीसीएल प्रबंधन को जल्द से जल्द राशि जारी करने का निर्देश दिया गया है।
झरिया-बलियापुर मार्ग पर 44 करोड़ की सड़क धंसी:छह महीने से बदहाल, आवागमन प्रभावित; बारिश से भू-धंसान की स्थिति और बिगड़ सकती है सूरत
धनबाद जिले की झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क भू-धंसान के कारण बदहाल हो गई है। वर्ष 2022 में 44 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस सड़क का एक बड़ा हिस्सा बीच से धंस गया है, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह सड़क झरिया, बलियापुर, निरसा और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन है। प्रतिदिन हजारों लोग नौकरी, व्यवसाय, स्कूल और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क खराब होने के कारण लोगों को अब लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे उनके समय और पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क टूटे हुए कई महीने हो चुके हैं, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। प्रशासन और बीसीसीएल ने एक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की है, लेकिन बारिश के मौसम में इस रास्ते पर भी खतरा बढ़ गया है। लोगों को आशंका है कि लगातार बारिश से भू-धंसान की स्थिति और बिगड़ सकती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। जनता अब सरकार और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत की मांग कर रही है, ताकि सुरक्षित और सुगम आवागमन बहाल हो सके। इस मामले पर धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक डिपॉजिट राशि बीसीसीएल को जमा करनी है। प्रशासन ने लगभग तीन महीने पहले ही बीसीसीएल को इस संबंध में पत्र भेजा था और लगातार पत्राचार जारी है। उपायुक्त ने आगे बताया कि पथ निर्माण विभाग (RCD) द्वारा सड़क मरम्मत का अनुमान (एस्टिमेट) पहले ही तैयार कर भेजा जा चुका है। बीसीसीएल द्वारा फंड जमा करते ही सड़क का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैठकों में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया है और बीसीसीएल प्रबंधन को जल्द से जल्द राशि जारी करने का निर्देश दिया गया है।

