Wednesday, June 17, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा; पेपर लीक मामला:बिहार का अतुल वत्स कमाता ₹ 18 करोड़, नर्सिंग कॉलेज को बनाया था फर्जीवाड़ा सेंटर


झारखंड उत्पाद सिपाही नियुक्ति परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले का किंगपिंग कोई और नहीं बल्कि नीट सहित पांच परीक्षाओं के पेपर लीक का आरोपी अतुल वत्स है। वह बिहार के जहानाबाद जिले का रहने वाला है। इस नियुक्ति परीक्षा का पेपर लीक कर उसने 18 करोड़ रुपए से अधिक की कमाई की जुगत की थी। इसके लिए उसने फुलप्रूफ तैयारी भी की थी। इसके लिए उसने शहर से दूर रड़गांव नाम जगह पर सुनसान इलाके में बन रहे एक नर्सिंग कॉलेज को फर्जीवाड़े का सेंटर बना रखा था। उसने अपने नेटवर्क के जरिए 159 अभ्यर्थियों को इस तरह जाल में फंसाया कि वे लाखों रुपए दांव पर लगाने को तैयार हो गए। गिरोह ने अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाया कि परीक्षा से पहले उन्हें लीक प्रश्नपत्र और उसके उत्तर रटवाए जाएंगे। इस झांसे में आकर अभ्यर्थियों ने 10 से 15 लाख रुपए तक की डील की। कई से एडवांस में चेक भी लिए गए। अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र मिलने का दिया था भरोसा जांच में सामने आया कि गिरोह ने बेहद सुनियोजित तरीके से अभ्यर्थियों को टारगेट किया था। एजेंटों के जरिए संपर्क कर उन्हें ओरिजलन पेपर मिलने का भरोसा दिलाया गया। फिर मोटी रकम तय कर उन्हें इस गुप्त स्थान पर बुलाया गया, जहां फर्जी प्रश्न-उत्तर रटवाकर उन्हें परीक्षा में पास कराने का सपना दिखाया जा रहा था। अगर पुलिस सही समय पर कार्रवाई नहीं करती, तो यह गिरोह करोड़ों रुपए की ठगी कर फरार हो जाता। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक अतुल वत्स और उसके गैंग ने 159 अभ्यर्थियों को बस में भरकर रड़गांव लाया गया था। वहां उनसे कथित प्रश्न-उत्तर रटवाए जा रहे थे। माफिया ने अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिया था, ताकि कोई बाहरी संपर्क न कर सके और पूरा मिशन गुप्त रहे। लेकिन, इस बार माफियाओं की चाल स्थानीय लोगों की सतर्कता के आगे नहीं टिकी। रड़गांव में अचानक बड़ी संख्या में युवाओं और गाड़ियों की मौजूदगी ने स्थानीय लोगों को शक हुआ। स्थानीय लोगों को जल्द समझ आ गया कि यहां कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं। लोगों ने यहां गतिविधियों का न सिर्फ वीडियो बनाकर सबूत जुटाए, बल्कि तुरंत पुलिस को सूचना भी दी। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की। एक पूरी तरह और पांच आंशिक रूप से मिले प्रश्न परीक्षा के प्रश्नपत्र बाहर आने के दावे और परीक्षा होने के बाद जेएसएससी अध्यक्ष प्रशांत कुमार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार पेपर लीक के दावों और वास्तवित पेपर के मिलान के बाद केवल एक प्रश्न पूरी तरह और पांच प्रश्न आंशिक रूप से मिले। पेपर तीन में 120 प्रश्नों में से मात्र चार प्रश्न आंशिक रूप से मिले। पेपर दो हिंदी में एक भी प्रश्न नहीं मिला। वहीं खोरठा में एक प्रश्न आंशिक रूप से व एक प्रश्न पूरी तरह मिला। इसमें कुल 55 प्रश्न पूछे गए थे। ये हैं गिरोह के सदस्य इन परीक्षाओं में भी धोखाधड़ी का है आरोपी अतुल वत्स आजीवन बैन की तैयारी इस मामले में जेएसएससी सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। गिरफ्तार अभ्यर्थियों को डिबार किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में आयोग की किसी भी परीक्षा में शामिल नहीं हो सकेंगे। संकेत है कि कई अभ्यर्थियों पर आजीवन प्रतिबंध लगाया जा सकता है, ताकि इसे नजीर बनाया जा सके। इधर, रांची पुलिस गिरोह के सदस्यों को रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है। जांच का फोकस अब इस बात पर है कि क्या इन 159 अभ्यर्थियों के अलावा भी अन्य उम्मीदवारों से ठगी की गई है और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles