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झारखंड में छात्र आंदोलन का आज यानी गुरुवार को 21वें दिन भी जारी है। आंदोलनकारी छात्र रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरने पर बैठे हैं। गुरुवार की रात जेपीएसएसी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के प्रवक्ता रवींद्र पासवान ने कहा कि 16 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास के घेराव की कोई योजना नहीं है। वहीं, 15 अगस्त को तिरंगा यात्रा निकालने का निर्णय लिया गया है। इसमें राज्यभर के युवा शामिल होंगे। 10 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे महेंद्र प्रसाद मंडल ने विधायक जयराम महतो के समझाने पर अनशन तोड़ दी है। बाकी 5 छात्रों की भूख हड़ताल जारी है। आइसा का पंडाल स्टेडियम के बाहर से हटा लिया गया है। आइसा के सदस्य विजय कुमार ने कहा कि 10 अगस्त विधानसभा घेराव को लेकर बड़ी संख्या में बाहर से आने वाले लोगों को ठहराने की व्यवस्था के लिए यह पंडाल बनाया गया था। दूसरी ओर, प्रदर्शनकारियों ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव किया था। इसके बाद 500 प्रदर्शनकारियों पर FIR दर्ज की गई। तिरंगा यात्रा में राज्यभर के युवा शामिल होंगे तिरंगा यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से कचहरी, लालपुर और अल्बर्ट एक्का चौक होते हुए वापस स्टेडियम पहुंचेगी। आंदोलन को लेकर मंच ने सरकार से संवाद, एफआईआर में निर्दोष छात्रों को आरोपी नहीं बनाने और सभी 81 विधायकों से नैतिक समर्थन देने की अपील की। वहीं, रवींद्र पासवान ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए हमने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की का एक बयान देखा। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ बातचीत के लिए हमारे प्रतिनिधिमंडल में शामिल कोई भी व्यक्ति छात्र नहीं था। मैं इस बयान का पुरजोर खंडन करता हूं और पूरी जिम्मेदारी के साथ कहता हूँ कि जो भी लोग गए थे, वे सभी छात्र थे। फिजिक्स वाला के संस्थापक अलख पांडेय ने गुरुवार की रात जेपीएसएसी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच कर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने आंदोलनरत छात्रों का हालचाल जाना और उनकी मांगों को सुनते हुए अपना नैतिक समर्थन जताया। उन्होंने कहा-“यहां बहुत से छात्र बहुत परेशान हैं। कई छात्र भूख हड़ताल पर बैठे हैं और कुछ की तबीयत बिगड़ने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। इन परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोप लगे हैं, लेकिन सरकार पर्याप्त कार्रवाई नहीं कर रही है। कुछ परिवार और लोग ऐसे हैं जो प्रश्न-पत्र लीक करते हैं और उन्हें बांटते हैं। परीक्षा के बाद अब ऐसा लगने लगा है कि हम नतीजों का इंतज़ार नहीं कर रहे हैं; हम बस इस खबर का इंतज़ार कर रहे हैं कि पेपर किसने लीक किया और किसका चयन हुआ। सरकार ने JPSC परीक्षा में कार्रवाई की है, जो एक स्वागत योग्य कदम है और मैं इसके लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं। लेकिन उन्हें JSSC मामले में भी ठोस कार्रवाई करने की ज़रूरत है। 1,900 सीटों में से, कथित तौर पर लगभग 400 सीटें एक ही परिवार या ऐसे व्यक्ति द्वारा हथिया ली गई हैं जो सीटें बेचने में शामिल है। छात्र CID जांच से संतुष्ट नहीं हैं। उनकी मांग है कि निष्पक्ष CBI जांच हो ताकि इसमें शामिल लोगों की पहचान हो सके और उन्हें सज़ा मिल सके…” सीएम हाउस की सुरक्षा से जुड़ी 2 तस्वीरें…

