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झारखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के सीनियर लीडर सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के बाद सीएम हेमंत सोरेन, गवर्नर संतोष कुमार गंगवार, स्पीकर रवींद्रनाथ महतो सहित तमाम-मंत्री विधायक गिरिडीह पहुंचे। जहां उन्होंने श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद अंतिम यात्रा उसरी नदी घाट स्थित हरसिंहरायडीह श्मशान घाट के लिए निकली। श्मशान घाट में बेटे श्रेयस ने पिता को मुखाग्नि दी। मौके पर बेटियां भी मौजूद रहीं। सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर राज्य में 2 दिनों का राजकीय शोक घोषित किया गया है। वहीं उनका अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। अंतिम संस्कार आज ही उसरी नदी घाट स्थित हरसिंहरायडीह श्मशान घाट में किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक मंत्री संजय यादव, मंत्री इरफान अंसारी, मंत्री हफीजुल हसन अंसारी, मंत्री श्रीमती दीपिका पांडेय सिंह, सांसद नलिन सोरेन, टुंडी विधायक मथुरा महतो, सारठ विधायक चुन्ना सिंह समेत कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता अंतिम संस्कार में पहुंचे। तस्वीरें देखें… हार्ट अटैक के लक्षण थेः डाक्टर डॉक्टर शहजाद शेख के अनुसार, जब मंत्री अस्पताल पहुंचे थे, उस समय उन्होंने दर्द के दौरान उल्टी की, वो उनके लंग्स में चला गया था। तत्काल इलाज शुरू किया गया। सांस की नली साफ की गई। इसके बाद इसीजी निकाली गई। उसमें हार्ट अटैक के लक्षण थे। बीपी मिल नहीं रहा था। इसी दौरान 10 से 15 मिनट के भीतर ही उनका निधन हो गया। सीपीआर दिया गया, लेकिन वह सफल नहीं रहा। सुबह करीब 4 बजे उन्हें मृत घोषित किया गया। उन्हें पहले से ही बीपी और सुगर की शिकायत थी। वहीं, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने सुदिव्य सोनू के निधन के मद्देनजर अपने सभी प्रस्तावित कार्यक्रम स्थगित कर दिए हैं। अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए बड़ी संख्या में लोगों के गिरिडीह पहुंच रहे हैं। JMM की ओर से शोक जताते हुए X पर लिखा गया- ‘ज़िंदगी की क्षणभंगुरता… कल तक जो साथी हमारे बीच थे, आज उनकी स्मृतियाँ ही हमारे साथ हैं। जीवन की अनिश्चितता हमें एक बार फिर गहरे दुःख और शोक में छोड़ गई है।’ अंतिम दर्शन को आवास पर उमड़े लोग निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों से गुजारा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में शहरवासी सड़क किनारे खड़े होकर अपने जनप्रतिनिधि को अंतिम विदाई देने पहुंचे। मंत्री के पार्थिव शरीर के शहर से गुजरने की सूचना मिलते ही लोगों की भीड़ प्रमुख मार्गों पर जुटने लगी। कई लोगों ने हाथ जोड़कर उन्हें श्रद्धांजलि दी, जबकि समर्थकों और आम लोगों की आंखें नम नजर आईं। लोगों ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का असमय निधन गिरिडीह के लिए बड़ी क्षति है। पार्थिव शरीर को वाहन के माध्यम से शहर के विभिन्न हिस्सों से ले जाया गया, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने प्रिय नेता का अंतिम दर्शन कर सकें। रास्ते भर लोगों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। कई स्थानों पर लोगों ने भावुक होकर उनके पार्थिव शरीर को नमन किया। उनके निधन की सूचना मिलने के बाद सरकार के मंत्री इरफान अंसारी भी उनके आवास पहुंचे और शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। वहीं, मंत्री के अंतिम दर्शन के लिए उनके आवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ उमड़ पड़ी। CM बोले – सोनू भैया का जाना मेरे जीवन में रिक्तता छोड़ गया आज की सुबह की शुरुआत बेहद दुखद खबर के साथ हुई आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत पीड़ादायक असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक शानदार छवि और बहुत ही अच्छे व्यक्तित्व के मालिक थे सुदिव्य हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झारखंड के लिए सुबह-सुबह मनहूस खबर आई। जिस पर भरोसा करना संभव नहीं हो पा रहा है। आज से 2 से 3 दिन पूर्व हजारीबाग नगर निगम की किसी समस्या को लेकर उनसे वार्ता हुई थी। ऐसा प्रतीत ही नहीं हो रहा है कि अब वह हमारे बीच नहीं है। हमारी और उनकी विचारधारा जरूर अलग थी लेकिन उनका सहायता के लिए हाथ हमेशा आगे रहता था। शानदार छवि और बहुत ही अच्छे व्यक्तित्व के मालिक को आज हमने खो दिया। हम भगवान से यही प्रार्थना करते हैं कि उनके परिवार को क्षति को सहने की शक्ति प्रदान करें। टीचर्स-डे के प्रोग्राम में शामिल हुए थे सुदिव्य कुमार सोनू 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए थे। शनिवार को ही गिरिडीह के इस्लामिया उर्दू मिडिल स्कूल के शताब्दी समारोह में भी उनकी मौजूदगी रही थी। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने स्कूलों को कंप्यूटर उपलब्ध कराने का भरोसा भी दिया था। हेमंत कैबिनेट में 4 विभागों की जिम्मेदारी थी सुदिव्य कुमार सोनू वर्तमान में गिरिडीह सदर विधानसभा क्षेत्र से विधायक थे। उन्होंने 2019 में पहली बार गिरिडीह सदर सीट से चुनाव जीता था। इसके बाद 2024 के विधानसभा चुनाव में दूसरी बार जीत दर्ज की और हेमंत सोरेन सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। उनके पास पर्यटन, कला एवं संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग के साथ नगर विकास और उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी थी। हेमंत सोरेन के करीबी थे सुदिव्य कुमार सोनू 90 के दशक से झारखंड मुक्ति मोर्चा से जुड़े थे। उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के करीबी नेताओं में माना जाता था। सरकार या अपने विभाग से जुड़े मुद्दों को वह जनता के सामने मजबूती से रखते थे। हाल के दिनों में शिक्षा, शहरी विकास, खेल और पर्यटन से जुड़े मुद्दों पर वह लगातार सक्रिय रहे। सुदिव्य के परिवार में पत्नी के अलावा एक बेटा और दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी का नाम सृष्टि है जो एमबीए कर रही थी। दूसरी बेटी का नाम समृद्धि है। जिसने लॉ की पढ़ाई के लिए क्लैट दिया है। बेटा सबसे छोटा है। उसका नाम श्रेयस है। JPSC-JSSC छात्र आंदोलन में भी निभाई थी अहम भूमिका
हाल ही में JPSC-JSSC परीक्षा में अनियमितता को लेकर हुए छात्र आंदोलन में सुदिव्य कुमार सोनू की सक्रियता देखने को मिली थी। छात्रों के आंदोलन के दौरान सरकार और आंदोलनकारियों के बीच उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। बातचीत के दौरान उन्होंने सरकार की ओर से पक्ष रखा और परीक्षा सुधार तथा जांच से जुड़े मुद्दों पर जानकारी दी थी। उनके अचानक निधन को झारखंड की राजनीति और सरकार के लिए बड़ी क्षति के रूप में देखा जा रहा है। गिरिडीह में उनके निधन की खबर फैलते ही समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भीड़ अस्पताल और उनके आवास की ओर पहुंचने लगी।
झारखंड के मंत्री सुदिव्य सोनू का हार्ट अटैक से निधन:बेटे श्रेयस ने दी मुखाग्नि, बेटियां भी रही साथ, हरसिंहरायडीह श्मशान घाट में अंत्येष्ठी
