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झारखंड में भर्ती परीक्षाओं जिनमें JPSC और JSSC-CGL शामिल हैं में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में झारखंड के भाजपा सांसदों ने शुक्रवार को संसद में मौन प्रदर्शन किया। उन्होंने इन मामलों की CBI जांच की मांग की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य प्रसाद साहू भी मौजूद रहें। झारखंड भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों पर आदित्य प्रसाद साहू ने कहा, “जब से कांग्रेस के समर्थन से झारखंड में सरकार चल रही है, तब से अभी तक जितने भी JPSC, JSSC-CGL और सभी परिक्षाओं से पहले बड़े स्तर पर प्रश्न पत्र लीक किए जाते रहे हैं। इस बार भी JPSC, JSSC-CGL परीक्षा से पूर्व प्रश्न पत्र लीक हुए हैं मगर वहां की सरकार बेसुध सोई हुई है। कांग्रेस के समर्थन से चलने वाली सरकार इस तरह के घोटाले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल होकर युवाओं के रोजगार को छीनने का काम कर रही है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि जो कांग्रेस दिल्ली में प्रदर्शन कर रही है, वहीं झारखंड में इन कांग्रेस वालों का मुंह बंद है।” CID को भी जांच का काम सौंपा गया है: महुआ माजी
इधर, JMM राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने कहा, “इसके लिए ज़िम्मेदार अधिकारी, यानी चेयरमैन से इस्तीफा ले लिया गया है। मुख्यमंत्री ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने किसी और के बोलने या पहल करने का इंतजार नहीं किया। उन्होंने तुरंत इस्तीफा लिया और इसमें शामिल सभी लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू हो गई है। CID को भी जांच का काम सौंपा गया है और वह इस पर तेज़ी से काम कर रही है। हमारे मुख्यमंत्री हालात को सुधारने के लिए काम कर रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में लगातार सुधार हो रहा है। बुधवार को संसद परिसर में की थी नारेबाजी इससे पहले बुधवार को झारखंड के भाजपा सांसदों ने संसद परिसर स्थित मकर द्वार पर राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की थी। सांसदों ने जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल और उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में कथित धांधली की सीबीआई जांच की मांग की। राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने कांग्रेस पर छात्रों के मुद्दे पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाया। कहा दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से छात्रों को भड़का रही है जबकि झारखंड के जेपीएससी, जेएसएससी, सीजीएल सहित अन्य भर्ती परीक्षा घोटाला पर उनकी जुबान पर ताला लगा है। अगर कांग्रेस सही में छात्रों के मुद्दे पर गंभीर है तो वह सरकार से अपना समर्थन वापस लेकर उनके इस्तीफा की मांग करें। उत्पाद सिपाही भर्ती दौड़ में तो झारखंड के 19 बच्चों की मौत हो गई थी लेकिन कांग्रेस चुप रही।

