हमें सिर्फ योजना बनाने वाली सरकार नहीं चाहिए। सरकार ऐसी चुनकर आए जो योजनाओं को जमीन पर उतार सके। योजनाएं फाइलों तक सिमट कर न रह जाए। सोमवार को यह बातें ‘हिन्दुस्तान आओ राजनीति करें’ के…
हमें सिर्फ योजना बनाने वाली सरकार नहीं चाहिए। सरकार ऐसी चुनकर आए जो योजनाओं को जमीन पर उतार सके। योजनाएं फाइलों तक सिमट कर न रह जाए। सोमवार को यह बातें ‘हिन्दुस्तान आओ राजनीति करें’ के तहत कर्बला चौक में आयोजित हिन्दुस्तान चाय चौपाल में निकल कर सामने आईं। चौपाल में शामिल महिलाओं ने कहा कि सबको साथ लेकर चलने वाली सरकार चाहिए। जो विकास, रोजगार, शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा की बात करे। वहीं पुरुषों ने कहा कि चुनाव में धर्म और जाति मुद्दा न बनाया जाए। ऐसी सरकार चुनकर आए जो काम की बात करे। जोड़ने की बात करे, तोड़ने की नहीं। आम लोगों की जरूरतों को पूरा करे। बेहतर चिकित्सा उपलब्ध करा सके। सभी को एक नजर से देखे। चाहे वह देश का गरीब नागरिक हो या अमीर।
सरकार ऐसी हो जो मध्यम वर्ग के बारे में भी सोचे
चर्चा के क्रम में वार्ड-16 की पार्षद नजीमा रजा ने कहा कि सरकार ऐसी चाहिए जो मध्यम वर्ग के बारे में सोचे। उन्होंने कहा कि हमेशा से मध्यम वर्ग ठगा गया है। जितनी भी सरकारें चुनकर आईं, सभी ने इस वर्ग का शोषण ही किया। उनके भले के लिए कोई योजना लेकर नहीं आई। जबकि मध्यम वर्ग ही देश का रीढ़ है। देश के विकास में सबसे बड़ी भूमिका इसी वर्ग की है।
तेजी से काम करने वाली सरकार बने
चौपाल में लोगों ने बताया कि सरकार बेघरों के लिए घर बनाने का काम कर रही है, लेकिन निर्माण की रफ्तार काफी धीमी है। इस्लाम नगर का उदाहरण देते हुए लोगों ने कहा कि कई सालों से गरीबों के लिए फ्लैट का निर्माण सरकार करा रही है, लेकिन सही से निगरानी नहीं होने के कारण निर्माण रूकरूक कर हो रहा है। इस कारण सैकड़ों लोग खुले में जीवन जीने को मजबूर हैं।


