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झारखंड में छात्रों के आंदोलन को लेकर बिहार सरकार के मंत्री नीतीश मिश्रा ने विपक्ष पर सवाल उठाया है। उन्होंने विपक्ष पर दोहरे स्टैंड का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में हुए आंदोलन के दौरान विपक्ष के नेता प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे, लेकिन झारखंड में छात्र पिछले कई दिनों से आंदोलन कर रहे हैं और उनकी कोई सुध लेने वाला नहीं है। नीतीश मिश्रा ने सवाल किया कि एक ही तरह के छात्र आंदोलन को लेकर अलग-अलग जगह विपक्ष का अलग रुख क्यों है? नीतीश मिश्रा ने कहा कि झारखंड में छात्रों ने जिन विषयों को उठाया है, उन मुद्दों को भी देखा जाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि झारखंड में छात्र आंदोलित हैं, तो क्या यह देश के लिए प्रमुख विषय नहीं है? विपक्ष को यह स्पष्ट करना चाहिए कि दिल्ली के आंदोलन और झारखंड के छात्र आंदोलन को लेकर उसके रुख में इतना अंतर क्यों है। दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के पास पहुंचे विपक्षी, रांची में सुध नहीं नीतीश मिश्रा ने कहा कि दिल्ली में जब प्रदर्शन हुआ तो विपक्ष के नेता प्रदर्शनकारियों के पास गए और उनके समर्थन में खड़े हुए। वहीं रांची में छात्र आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन विपक्ष के नेता उनकी कोई सुध नहीं ले रहे हैं। केवल इस बात की ओर सबका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं कि विपक्ष का एक विषय पर एक जगह अलग स्टैंड होता है और दूसरी जगह वही विपक्ष अलग रुख अपनाता है। नीतीश मिश्रा ने संसद में विपक्ष के रवैये पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की बात सुनने को तैयार है और सरकार जवाब भी देगी। ऐसे में संसद की कार्यवाही को बाधित करना उचित नहीं है। दिल्ली आंदोलन किनके द्वारा प्रायोजित था, सबको पता है दिल्ली में हुए आंदोलन का जिक्र करते हुए नीतीश मिश्रा ने कहा कि दिल्ली वाला आंदोलन किन लोगों द्वारा प्रायोजित था, यह सभी को पता है। मेरा सवाल सिर्फ इतना है कि विपक्ष के स्टैंड में इतना बदलाव क्यों दिखाई दे रहा है। एक तरफ दिल्ली में आंदोलनकारियों के बीच जाकर समर्थन किया जाता है और दूसरी तरफ झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्रों के मुद्दे पर वैसा ही रुख नजर नहीं आता।

