झारखंड टी-20 लीग की नीलामी (ऑक्शन) संपन्न हो चुकी है, जिसमें खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सभी टीमों के बीच दिलचस्प रणनीति देखने को मिली। नीलामी के नियम और बजट बजट (पर्स): लीग की सभी फ्रेंचाइजी टीमों को खिलाड़ियों को खरीदने के लिए 50 लाख रुपए का पर्स (कुल बजट) दिया गया था। खिलाड़ियों की संख्या का नियम: नियमों के अनुसार, प्रत्येक फ्रेंचाइजी के लिए अपनी स्क्वॉड में न्यूनतम (कम से कम) 16 और अधिकतम (ज्यादा से ज्यादा) 18 खिलाड़ियों को शामिल करना अनिवार्य किया गया था। टीमों की रणनीति और स्क्वॉड की स्थिति नीलामी के दौरान कुछ टीमों ने अधिकतम सीमा तक जाने के बजाय 17 खिलाड़ियों पर ही अपनी टीम को अंतिम रूप दिया: मजबूरी में 17 खिलाड़ी: एक फ्रेंचाइजी खिलाड़ी खरीदने की होड़ में अपना बजट सही ढंग से संतुलित नहीं कर पाई। नतीजतन, वह आखिरी (18वां) खिलाड़ी खरीदने में असफल रही और उसे 17 खिलाड़ियों के साथ ही संतोष करना पड़ा। बजट होने के बावजूद 17 खिलाड़ी: दूसरी ओर, जमशेदपुर स्टीलर्स और संथाल स्ट्राइकर्स ने एक अलग रणनीति अपनाई। इन दोनों टीमों के पास पर्स में पर्याप्त राशि बची हुई थी, इसके बावजूद उन्होंने 18वां खिलाड़ी खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। दोनों ही टीमों ने सोच-समझकर 17-17 खिलाड़ियों के साथ अपनी अंतिम स्क्वॉड तैयार की।
झारखंड टी-20 लीग: किस टीम ने किन खिलाड़ियों को खरीदा
झारखंड टी-20 लीग की नीलामी (ऑक्शन) संपन्न हो चुकी है, जिसमें खिलाड़ियों को खरीदने के लिए सभी टीमों के बीच दिलचस्प रणनीति देखने को मिली। नीलामी के नियम और बजट बजट (पर्स): लीग की सभी फ्रेंचाइजी टीमों को खिलाड़ियों को खरीदने के लिए 50 लाख रुपए का पर्स (कुल बजट) दिया गया था। खिलाड़ियों की संख्या का नियम: नियमों के अनुसार, प्रत्येक फ्रेंचाइजी के लिए अपनी स्क्वॉड में न्यूनतम (कम से कम) 16 और अधिकतम (ज्यादा से ज्यादा) 18 खिलाड़ियों को शामिल करना अनिवार्य किया गया था। टीमों की रणनीति और स्क्वॉड की स्थिति नीलामी के दौरान कुछ टीमों ने अधिकतम सीमा तक जाने के बजाय 17 खिलाड़ियों पर ही अपनी टीम को अंतिम रूप दिया: मजबूरी में 17 खिलाड़ी: एक फ्रेंचाइजी खिलाड़ी खरीदने की होड़ में अपना बजट सही ढंग से संतुलित नहीं कर पाई। नतीजतन, वह आखिरी (18वां) खिलाड़ी खरीदने में असफल रही और उसे 17 खिलाड़ियों के साथ ही संतोष करना पड़ा। बजट होने के बावजूद 17 खिलाड़ी: दूसरी ओर, जमशेदपुर स्टीलर्स और संथाल स्ट्राइकर्स ने एक अलग रणनीति अपनाई। इन दोनों टीमों के पास पर्स में पर्याप्त राशि बची हुई थी, इसके बावजूद उन्होंने 18वां खिलाड़ी खरीदने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। दोनों ही टीमों ने सोच-समझकर 17-17 खिलाड़ियों के साथ अपनी अंतिम स्क्वॉड तैयार की।

