खास बातें
Calcutta High Court TMC PIL: पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ हो रही अंडे मारने की घटनाओं को कलकत्ता हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है. ममता बनर्जी के करीबी नेता और सीनियर एडवोकेट कल्याण बनर्जी ने मंगलवार को यह दावा किया. हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका पर अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया.
अंडे फेंकने और रस्सी बांधकर घुमाने के खिलाफ याचिका
कल्याण बनर्जी ने अंडे फेंकने, गिरफ्तार व्यक्तियों को रस्सी बांधकर घुमाने और भीड़ हिंसा के खतरे जैसी घटनाओं पर याचिका दायर की थी. बनर्जी ने कहा कि याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाये.
घटनों लोकतंत्र और कानून के लिए चिंताजनक : बनर्जी
तृणमूल कांग्रेस के सांसद ने मीडिया को बताया कि ये घटनाएं लोकतंत्र और कानून के शासन के लिए चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि टीएमसी के सबसे बड़े नेताओं में शुमार अभिषेक बनर्जी, कुणाल घोष, सौगत रॉय और अन्य कार्यकर्ताओं पर अंडे फेंके गये. याचिका में कहा गया है कि पुलिस की मौजूदगी में भी ऐसी अपमानजनक घटनाएं हो रहीं हैं.
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कोर्ट ने पूछा- अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा रही पुलिस
पीआईएल पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पूछा कि पुलिस अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं निभा पा रही? ऐसे माहौल में सामाजिक जागरूकता कैसे विकसित होगी? कल्यान बनर्जी ने जोर दिया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी और राज्य सरकार की मंत्री अग्निमित्र पॉल जैसी शखीसियतों के बयानों से इस तरह की संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है.
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आम लोगों और कानून-व्यवस्था पर पड़ेगा असर : कल्याण
टीएमसी नेता कल्याण बनर्जी ने कहा कि सत्ता का दुरुपयोग लंबे समय तक नहीं चल सकता. कोई भी कानून से ऊपर नहीं है. ये घटनाएं न सिर्फ TMC कार्यकर्ताओं को प्रभावित कर रही हैं, बल्कि पूरे राज्य में राजनीतिक माहौल को तनावपूर्ण बना रही हैं. आम नागरिकों में भय का माहौल है, खासकर जब गिरफ्तार व्यक्तियों को सार्वजनिक रूप से अपमानित किया जाता है. इससे कानून की गरिमा प्रभावित हो रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि कोर्ट के निर्देश से उम्मीद है कि राज्य सरकार इन मुद्दों पर रिपोर्ट देगी और ऐसे कृत्यों को रोकने के लिए ठोस कदम उठायेगी.
Calcutta High Court TMC PIL: राजनीतिक संदर्भ और आगे की चुनौतियां
बंगाल चुनाव 2026 के बाद सत्ता परिवर्तन के बाद टीएमसी इन घटनाओं को लक्षित हमले बता रहा है. कल्याण बनर्जी ने कहा कि इस तरह की संस्कृति को प्रोत्साहन नहीं मिलना चाहिए. टीएमसी की मांग है कि सभी पक्षों को समान सुरक्षा मिले और राजनीतिक प्रतिशोध की संस्कृति खत्म हो. यह मामला न सिर्फ तणमूल के लिए, बल्कि पूरे बंगाल की राजनीति और शांति के लिए अहम है.
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