Wednesday, July 15, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

टीएमसी विवाद : एनसीपीआई को सर्वदलीय बैठक में बुलायेंगे ओम बिरला! सुदीप सदन के नेता, शताब्दी बन सकती हैं उपनेता

Monsoon Session All Party Meeting: ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) से बगावत करके नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हुए सांसदों को लेकर दिल्ली की सियासी हलचल तेज हो गयी है. लोकसभा सदस्य सुदीप बंद्योपाध्याय निचले सदन में एनसीपीआई के सदन के नेता बन सकते हैं. शताब्दी रॉय को उप नेता और काकोली घोष दस्तीदार को मुख्य सचेतक (Chief Whip) नियुक्त किये जाने की संभावना है. संसद के मानसून सत्र से पहले 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) में एनसीपीआई को आमंत्रित किये जाने की प्रबल संभावना जतायी जा रही है.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले बागी सांसद

खबर है कि सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार ने सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की थी. इस बैठक के दौरान उन्होंने एनसीपीआई के सभी 20 लोकसभा सांसदों के सदन में बैठने की व्यवस्था और नये संसद भवन में पार्टी कार्यालय के आवंटन पर विस्तृत चर्चा की.

Monsoon Session All Party Meeting West Bengal Politics Sudip Bandyopadhyay Shatabdi Roy TMC Split.jpg
सुदीप बंद्योपाध्याय और शताब्दी रॉय.

एनडीए को समर्थन देने की प्रक्रिया जारी

संसदीय मान्यता की प्रक्रिया के बीच एनसीपीआई नेताओं की यह मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है. बताया जा रहा है कि सुदीप बंद्योपाध्याय ने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की थी. भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी के रूप में मान्यता प्राप्त करने के लिए एनसीपीआई से नरेंद्र मोदी सरकार और एनडीए को समर्थन देने से जुड़ा औपचारिक पत्र सौंपने को कहा गया है.

ये भी पढ़ें: रीतब्रत बनर्जी को और समय न दें, तृणमूल सुप्रीमो ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग को लिखी चिट्ठी

तृणमूल कांग्रेस ने दायर की है अयोग्यता याचिका

एक तरफ एनसीपीआई अपने संसदीय दल को संगठित कर रही है, तो दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी छोड़ने वाले सभी 20 बागी सांसदों के खिलाफ कानूनी लड़ाई छेड़ रखी है. लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर संविधान की 10वीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत सभी 20 सांसदों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए 20 अलग-अलग याचिकाएं सौंपी हैं. उनका तर्क है कि दूसरे दल में शामिल होकर इन सांसदों ने स्वेच्छा से तृणमूल की सदस्यता त्याग दी है. हालांकि, सोमवार को हुई बैठक में अयोग्यता याचिकाओं का मुद्दा नहीं उठा.

ये भी पढ़ें: तृणमूल कांग्रेस के ‘जोड़ा फूल’ मामले में ममता बनाम रीतब्रत बनर्जी की जंग निर्णायक मोड़ पर

तृणमूल के बागी गुट के साथ हैं 20 सांसद

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के परिणाम आने के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में बगावत शुरू हो गयी और एक के बाद एक सांसद और विधायक उनसे अलग होते चले गये. तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को अपना नेता मानने से इनकार करते हुए दो तिहाई बहुमत से खुद को असली तृणमूल घोषित कर दिया. बाद में इन्होंने एनसीपीआई में पार्टी के विलय की बात कही.

ये भी पढ़ें: ममता बनर्जी का रीतब्रत बनर्जी को नेता प्रतिपक्ष मानने से इनकार, स्पीकर के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची टीएमसी

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles