पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक भ्रामक पोस्ट के संबंध में आम जनता को सतर्क किया है। प्रशासन के संज्ञान में आया है कि विजय कुमार यादव नामक व्यक्ति ने अपने फेसबुक पेज पर जिला पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण, बेतिया के साथ कथित शिष्टाचार मुलाकात की तस्वीरें और सामग्री साझा की है। यादव स्वयं को छात्र नेता, आरएलएसवाई कॉलेज तथा नौतन क्षेत्र संख्या-36 से भावी पार्षद प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत करता है। प्रशासन ने मामले की जांच कराई इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल जांच कराई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरें वास्तविक नहीं हैं। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि इन तस्वीरों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग करके बनाया और संपादित किया गया है। इन तस्वीरों का किसी वास्तविक घटना या आधिकारिक मुलाकात से कोई संबंध नहीं है। डीएम और विजय यादव के बीच मुलाकात नहीं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह और विजय कुमार यादव के बीच कोई शिष्टाचार मुलाकात नहीं हुई है। इसलिए, सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरें और उनसे जुड़े सभी दावे पूरी तरह से भ्रामक, असत्य और तथ्यहीन हैं। प्रशासन ने यह भी कहा कि इस तरह की झूठी और मनगढ़ंत सामग्री का प्रसार न केवल लोगों को भ्रमित करता है, बल्कि प्रशासनिक गरिमा को भी प्रभावित कर सकता है। फोटो या वीडियो पर विश्वास न करें-प्रशासन प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी सूचना, फोटो या वीडियो पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी सामग्री को साझा करने या उस पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसके स्रोत और प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें। वर्तमान में एआई तकनीक से फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाना संभव हो गया है, इसलिए सतर्कता और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। लोगों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें, ताकि अफवाहों और भ्रामक प्रचार से बचा जा सके।
डीएम के साथ मुलाकात की वायरल तस्वीरें निकलीं फर्जी:जिला प्रशासन ने जारी किया जवाब, सोशल मीडिया पर जिला प्रशासन अलर्ट
पश्चिम चंपारण जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक भ्रामक पोस्ट के संबंध में आम जनता को सतर्क किया है। प्रशासन के संज्ञान में आया है कि विजय कुमार यादव नामक व्यक्ति ने अपने फेसबुक पेज पर जिला पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण, बेतिया के साथ कथित शिष्टाचार मुलाकात की तस्वीरें और सामग्री साझा की है। यादव स्वयं को छात्र नेता, आरएलएसवाई कॉलेज तथा नौतन क्षेत्र संख्या-36 से भावी पार्षद प्रत्याशी के रूप में प्रस्तुत करता है। प्रशासन ने मामले की जांच कराई इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल जांच कराई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सोशल मीडिया पर साझा की गई तस्वीरें वास्तविक नहीं हैं। प्रशासनिक जांच में पाया गया कि इन तस्वीरों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) तकनीक का उपयोग करके बनाया और संपादित किया गया है। इन तस्वीरों का किसी वास्तविक घटना या आधिकारिक मुलाकात से कोई संबंध नहीं है। डीएम और विजय यादव के बीच मुलाकात नहीं जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह और विजय कुमार यादव के बीच कोई शिष्टाचार मुलाकात नहीं हुई है। इसलिए, सोशल मीडिया पर प्रसारित तस्वीरें और उनसे जुड़े सभी दावे पूरी तरह से भ्रामक, असत्य और तथ्यहीन हैं। प्रशासन ने यह भी कहा कि इस तरह की झूठी और मनगढ़ंत सामग्री का प्रसार न केवल लोगों को भ्रमित करता है, बल्कि प्रशासनिक गरिमा को भी प्रभावित कर सकता है। फोटो या वीडियो पर विश्वास न करें-प्रशासन प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित किसी भी सूचना, फोटो या वीडियो पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। किसी भी सामग्री को साझा करने या उस पर प्रतिक्रिया देने से पहले उसके स्रोत और प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें। वर्तमान में एआई तकनीक से फर्जी तस्वीरें और वीडियो बनाना संभव हो गया है, इसलिए सतर्कता और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि गलत और भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। लोगों से यह भी अनुरोध किया गया है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से प्राप्त सूचनाओं पर ही भरोसा करें, ताकि अफवाहों और भ्रामक प्रचार से बचा जा सके।

