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Bengal Election: कोलकाता. विधानसभा चुनाव से पहले सप्लीमेंटरी वोटर लिस्ट को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है. तृणमूल कांग्रेस से जुड़े राज्य के मंत्री गुलाम रब्बानी और हासन सीट के उम्मीदवार काजल शेख दोनों का नाम सूची में नहीं होने से सियासी हलचल तेज हो गयी है. रब्बानी, जो ग्वालपोखर विधानसभा सीट से तृणमूल के उम्मीदवार भी हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने पार्ट नंबर 60 और सीरियल नंबर 83 में अपना नाम खोजा, लेकिन नहीं मिला.
लगभग 78 हजार आवेदन लंबित
उन्होंने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि यह सिर्फ उनका मामला नहीं है, जिले में करीब 4 लाख 80 हजार मतदाताओं के नाम अब भी सप्लीमेंटरी लिस्ट में नहीं हैं. ग्वालपोखर में ही लगभग 78 हजार आवेदन लंबित हैं, जबकि पूरे राज्य में यह संख्या करीब 60 लाख बतायी जा रही है. रब्बानी ने कहा कि उन्होंने स्कूल सर्टिफिकेट, पासपोर्ट, आधार कार्ड और वोटर आईडी सहित सभी जरूरी दस्तावेज जमा किये थे, फिर भी उनका नाम सूची से गायब है. उन्होंने आम लोगों के लिए ट्रिब्यूनल में जाना मुश्किल बताया और इस पूरे मामले को चुनाव आयोग और बीजेपी की साजिश करार दिया.
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पार्टी को बदलना होगा उम्मीदवार
दूसरी ओर, हासन सीट से तृणमूल उम्मीदवार काजल शेख का नाम भी सप्लीमेंटरी लिस्ट में नहीं होने से नई चिंता पैदा हो गयी है. 23 अप्रैल को पहले चरण का मतदान होना है और नौ अप्रैल नामांकन की आखिरी तारीख है. ऐसे में अगर उससे पहले उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल नहीं होता, तो पार्टी को उम्मीदवार बदलने तक की नौबत आ सकती है. सूत्रों के अनुसार, काजल शेख और उनकी 90 वर्ष से अधिक उम्र की मां को भी एसआइआर सुनवाई के लिए बुलाया गया था. सभी दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनका नाम पहले ‘पेंडिंग’ सूची में रहा और अब सप्लीमेंट्री लिस्ट में भी शामिल नहीं हुआ है. हालांकि, काजल शेख को उम्मीद है कि अगली सूची में उनका नाम आ जायेगा.
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