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बिहार सरकार के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) मंत्री और महुआ विधायक संजय कुमार सिंह ने जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव को 50 करोड़ रुपये का कानूनी मानहानि नोटिस भेजा है। मंत्री के अधिवक्ता सुशील कुमार की ओर से 30 अगस्त 2026 को जारी नोटिस में तेज प्रताप यादव की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स और फेसबुक पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह झूठा, निराधार, दुर्भावनापूर्ण और मंत्री की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है। मंत्री की ओर से कहा गया है कि वे सात दिनों के भीतर संबंधित पोस्ट को हटाएं, सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें, और भविष्य में इस प्रकार की टिप्पणी दोबारा न करने का लिखित आश्वासन दें। महिला कर्मचारी से अभद्र व्यवहार का लगाया था आरोप दरअसल, यह पूरा विवाद तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया पोस्ट से शुरू हुआ। तेज प्रताप ने आरोप लगाया था कि मंत्री संजय कुमार सिंह ने दिल्ली दौरे के दौरान एक बड़े होटल में एक महिला कर्मचारी के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया और उसके साथ शोषण का प्रयास किया। तेज प्रताप ने अपने पोस्ट में इस मामले को गंभीर बताते हुए सरकार और प्रशासन से निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि मामले को दबाने और रफा-दफा करने के लिए कथित तौर पर 25 लाख रुपये का लेन-देन किया गया हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वहीं मंत्री की ओर से भेजे गए कानूनी नोटिस में इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए उन्हें झूठा और छवि धूमिल करने की कोशिश बताया गया है। मानहानि नोटिस में तेज प्रताप से पुराने और व्यक्तिगत आरोपों पर सवाल मंत्री संजय कुमार सिंह की ओर से भेजे गए नोटिस में तेज प्रताप यादव के सार्वजनिक जीवन और उनके खिलाफ समय-समय पर सामने आए कई व्यक्तिगत आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। नोटिस में तेज प्रताप से कहा गया है कि दूसरों पर गंभीर आरोप लगाने से पहले उन्हें अपने ऊपर उठे सवालों का भी जवाब देना चाहिए। नोटिस में ऐश्वर्या राय से जुड़े विवाद का जिक्र करते हुए सवाल किया गया है कि बिहार के प्रतिष्ठित परिवार और समाज की बेटी ऐश्वर्या राय, जो लंबे समय से अपने इंसाफ के लिए संघर्ष कर रही हैं, उनके जीवन को लेकर तेज प्रताप की क्या जिम्मेदारी है और उन्हें न्याय कब मिलेगा। अनुष्का और बच्चे के अधिकार से जुड़े सवाल का भी जिक्र नोटिस में एक महिला अनुष्का का भी उल्लेख किया गया है। इसमें दावा किया गया है कि अनुष्का अपने बच्चे के पिता के नाम और अपने अधिकार को लेकर इंसाफ की मांग कर रही हैं। नोटिस के जरिए तेज प्रताप से इस मामले पर भी जवाब देने को कहा गया है। हालांकि, नोटिस में लगाए गए इन व्यक्तिगत आरोपों और दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। निशु सिन्हा और मोनिका मणि का नाम लेकर पूछे सवाल संजय कुमार सिंह के वकील की ओर से भेजे गए नोटिस में पटना के गोला रोड की रहने वाली बताई गई निशु सिन्हा का भी उल्लेख किया गया है। नोटिस में तेज प्रताप से उनके साथ कथित संबंधों को लेकर उठ रहे सवालों पर स्पष्टीकरण देने की मांग की गई है। इसी तरह मुजफ्फरपुर की मोनिका मणि का नाम भी नोटिस में सामने आया है। नोटिस में उनके साथ तेज प्रताप के कथित संबंधों और दिल्ली के शेरेटॉन होटल में उनके साथ कथित रूप से दो दिनों तक रहने को लेकर सवाल उठाए गए हैं। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। 1 जनवरी 2008 की घटना का भी किया गया उल्लेख नोटिस में 1 जनवरी 2008 को दिल्ली के अशोक होटल, कनॉट प्लेस और महरौली फार्म हाउस में न्यू ईयर पार्टी से लौट रही लड़कियों के साथ कथित छेड़खानी से जुड़े आरोपों और सवालों का भी जिक्र किया गया है। नोटिस में तेज प्रताप से पूछा गया है कि ऐसे मामलों को लेकर जवाबदेही किसकी है। इसके अलावा पटना में गंगा किनारे स्थित रिसॉर्ट्स से जुड़े मामलों का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि यदि किसी महिला या मासूम की जिंदगी से खिलवाड़ की कोई शिकायत या आरोप सामने आता है तो उसे न्याय कौन दिलाएगा। पार्टी प्रवक्ता अनामिका झा से जुड़े आरोपों पर भी सफाई की मांग नोटिस में जनशक्ति जनता दल की प्रवक्ता अनामिका झा से जुड़े कथित विवाद का भी उल्लेख किया गया है। इसमें तेज प्रताप पर अनामिका झा के साथ संबंध में जबरदस्ती करने की कोशिश से जुड़े आरोपों को लेकर सफाई देने की मांग की गई है। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मलाइका शेरावत के साथ वायरल वीडियो का भी जिक्र मंत्री की ओर से भेजे गए नोटिस में तेज प्रताप यादव के सार्वजनिक आचरण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें फिल्म अभिनेत्री मलाइका शेरावत के साथ तेज प्रताप की सोशल मीडिया रील्स, जिम में नजर आने और कथित तौर पर उन्हें “हॉट” और “सेक्सी” जैसे शब्दों से संबोधित करने वाले वीडियो का हवाला दिया गया है। नोटिस में सवाल किया गया है कि जब तेज प्रताप यादव दूसरों के निजी जीवन और आचरण पर सवाल उठाते हैं, तो सार्वजनिक जीवन में महिलाओं के प्रति उनकी अपनी भाषा और व्यवहार की मर्यादा क्या होनी चाहिए। ‘दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अपने गिरेबान में झांकिए’ मानहानि नोटिस में तेज प्रताप यादव को संबोधित करते हुए कहा गया है कि जिनके घर शीशे के होते हैं, उन्हें दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए। नोटिस के जरिए यह संदेश दिया गया है कि दूसरों पर गंभीर आरोप लगाने से पहले तेज प्रताप को अपने ऊपर उठ रहे सवालों का जवाब देना चाहिए। नोटिस में ऐश्वर्या, अनुष्का, निशु, मोनिका सहित कई नामों का उल्लेख करते हुए पूछा गया है कि इनसे जुड़े सवालों पर तेज प्रताप की क्या सफाई है और इन मामलों में कथित रूप से न्याय की मांग कर रही महिलाओं को न्याय कब मिलेगा। 50 करोड़ रुपये की मानहानि का नोटिस मंत्री संजय कुमार सिंह के अधिवक्ता सुशील कुमार की ओर से जारी नोटिस में तेज प्रताप यादव के सोशल मीडिया पोस्ट और आरोपों को मंत्री की सामाजिक और राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है। इसी आधार पर उन्हें 50 करोड़ रुपये का कानूनी मानहानि नोटिस भेजा गया है। मंत्री का कहना है कि बिना पर्याप्त आधार के इस तरह के गंभीर आरोप सार्वजनिक रूप से लगाए जाने से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। दूसरी ओर, तेज प्रताप यादव ने जिस मूल मामले को उठाया था, उसमें उन्होंने कथित होटल प्रकरण और 25 लाख रुपये के कथित लेन-देन की जांच की मांग की थी।
तेज प्रताप यादव पर 50 करोड़ की मानहानि:मंत्री संजय सिंह ने लगाए कई आरोप, अनुष्का से रिश्ते समेत तेज प्रताप के कई रिश्ते पर घेरा
