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दरभंगा के लहेरियासराय के सैदनगर स्थित प्रसिद्ध सिद्धपीठ काली स्थान इन दिनों जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है। बारिश के बाद मंदिर परिसर में करीब 2 से 3 फीट पानी जमा है। पिछले एक सप्ताह से जलजमाव रहने के कारण श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने में परेशानी हो रही है। मंदिर परिसर का अधिकांश हिस्सा पानी में डूबा है। केवल मां काली के गर्भगृह को छोड़कर पुजारी के बैठने वाले स्थान सहित अन्य हिस्सों में पानी फैला हुआ है। जलजमाव का असर मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं पर भी पड़ा है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार सामान्य दिनों में प्रतिदिन करीब 800 श्रद्धालु मां के दर्शन के लिए पहुंचते थे, लेकिन वर्तमान में पानी जमा होने के कारण दर्जनों श्रद्धालु ही मंदिर पहुंच पा रहे हैं। जूते-चप्पल पहनकर आने वाले लोगों को मंदिर परिसर से बाहर ही उन्हें उतारना पड़ रहा है। पानी में पैर भीगने के कारण पूजा के बाद दोबारा जूता-चप्पल पहनने में भी परेशानी हो रही है। तालाब के पानी की निकासी नहीं होने से बढ़ी परेशानी मंदिर के प्रधान पुजारी अशुमन बाबा ने बताया कि मंदिर के पास स्थित तालाब के पानी की समुचित निकासी नहीं होने के कारण बारिश के दौरान पानी मंदिर परिसर में प्रवेश कर जाता है। प्रशासन की ओर से पानी की निकासी के लिए एक नाला बनवाया गया था, लेकिन उससे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। प्रधान पुजारी का आरोप है कि एलिवेटेड सड़क निर्माण के दौरान पानी निकासी के लिए बने दूसरे नाले के क्षतिग्रस्त होने से समस्या और गंभीर हो गई। बारिश के बाद पानी निकलने के बजाय मंदिर परिसर में जमा हो जाता है। स्थायी जलनिकासी की मांग श्रद्धालुओं का कहना है कि प्रसिद्ध धार्मिक स्थल होने के बावजूद मंदिर परिसर में एक सप्ताह से पानी जमा रहना गंभीर समस्या है। पूजा-पाठ के लिए आने वाले लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से जल्द जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में समस्या और गंभीर हो सकती है। मंदिर परिसर में लगातार जलजमाव से धार्मिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं।
दरभंगा के लहेरियासराय काली मंदिर कैंपस में भरा पानी:पुजारी बोले- बारिश के बाद मंदिर के आसपास 3 फीट तक जलभराव, सैंकड़ों की जगह दर्जनभर आ रहे श्रद्धालु

