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दरभंगा के बहेड़ी थाना क्षेत्र के जोरजा पंचायत के रजखा ईदगाह पर मंगलवार दोपहर आसमानी बिजली गिरने से ईदगाह की सबसे ऊंची मीनार क्षतिग्रस्त हो गई। बिजली गिरने के साथ हुए तेज धमाके से पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या अन्य संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे की है। अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली सीधे ईदगाह की सबसे ऊंची मीनार पर गिरी, जिससे मीनार का ऊपरी हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। तेज आवाज इतनी भयावह थी कि आसपास के लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए। गांव के असलम हुसैन ने बताया कि रजखा ईदगाह केवल इलाके में ही नहीं बल्कि पूरे बिहार में अपनी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि ईदगाह में 65 छोटे-बड़े मीनार बने हुए हैं और इसका निर्माण आसपास के कई गांवों के लोगों के सहयोग से कराया गया था। उन्होंने कहा, “जब बिजली गिरी तो जोरदार धमाका हुआ। हम लोग घर में सो रहे थे। आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे तो देखा कि सबसे ऊंची मीनार टूटकर क्षतिग्रस्त हो गई है।” किसी को चोट नहीं आई, मरम्मत में एक लाख का खर्च आएगा असलम हुसैन ने बताया कि घटना में किसी व्यक्ति को कोई चोट नहीं आई और न ही अन्य किसी प्रकार की संपत्ति का नुकसान हुआ। उन्होंने कहा कि केवल ईदगाह की ऊंची मीनार को क्षति पहुंची है, जिसकी मरम्मत में करीब एक लाख रुपये का खर्च आएगा। उन्होंने सरकार से इस धार्मिक स्थल की मरम्मत कराने की मांग की। उन्होंने यह भी बताया कि करीब 15 वर्ष पहले इसी स्थान पर मौजूद एक ताड़ के पेड़ पर भी बिजली गिरी थी, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। वहीं लगभग एक माह पहले रजखा से करीब 10 किलोमीटर दूर होरलपट्टी स्थित महादेव मंदिर के गुंबद पर भी बिजली गिरने से वह क्षतिग्रस्त हो गया था। गांव के मो अरमान ने बताया कि घटना के समय उनका परिवार घर में भोजन कर रहा था। उन्होंने कहा, “अचानक इतनी तेज आवाज हुई कि हम सब घबरा गए। जिस स्टील की थाली में हम खाना खा रहे थे, उसमें एक अजीब तरह की चमक दिखाई दी। घर की महिलाएं डर के मारे चिल्लाने लगीं। कुछ देर तक समझ ही नहीं आया कि आखिर हुआ क्या है। बाद में पता चला कि ईदगाह की मीनार पर बिजली गिरी है।” गांव के लोग बोले- कोई अंदर नहीं था, बड़ा हादसा टला घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण ईदगाह परिसर में पहुंच गए। लोग इसे प्राकृतिक आपदा बताते हुए ईदगाह की शीघ्र मरम्मत कराने और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचाव के लिए आवश्यक सुरक्षा उपाय करने की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि घटना के समय ईदगाह परिसर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
