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दरभंगा में रविवार शाम भाजपा और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से अलग-अलग विरोध-प्रदर्शन किए गए। सांसद पप्पू यादव के संसद भवन परिसर में सनातन धर्म को लेकर दिए गए बयान का विरोध जताया। कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से सांसद का पुतला दहन कर उनके बयान की निंदा की और सार्वजनिक माफी की मांग की। भाजपा दरभंगा (पश्चिमी) के जिलाध्यक्ष प्रो. आदित्य नारायण मन्ना के नेतृत्व में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर आयोजित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि सनातन धर्म करोड़ों लोगों की आस्था का विषय है और उसका अपमान स्वीकार नहीं किया जा सकता। टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है प्रो. आदित्य नारायण मन्ना ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा और देशवासियों की आस्था के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आरोप लगाया कि संसद जैसे गरिमामय मंच पर इस तरह की टिप्पणी दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे सामाजिक वैमनस्य फैल सकता है। उन्होंने सांसद पप्पू यादव से बयान पर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। बयान पर खेद व्यक्त करने की मांग केवटी विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने कहा कि सनातन धर्म भारत की हजारों वर्ष पुरानी संस्कृति और जीवन-दर्शन का आधार है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग मर्यादा और संवैधानिक गरिमा के अनुरूप करना चाहिए। उन्होंने भी सांसद से अपने बयान पर खेद व्यक्त करने की मांग की।
प्रदर्शन में जिला प्रभारी उमेश कुशवाहा, जिला महामंत्री विजय चौधरी, उपाध्यक्ष राजेश रंजन, अभयानंद झा, विकास चौधरी, श्रवण कुमार मिश्रा, जिला मंत्री मीरा मेहता, राहुल पासवान, जिला प्रवक्ता विनोद सिंह यादव, जिला मीडिया प्रभारी मुकुंद चौधरी सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विहिप ने भी किया विरोध-प्रदर्शन
दूसरी ओर, विश्व हिंदू परिषद (विहिप), दरभंगा के तत्वावधान में भी रविवार को विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। जिला सुरक्षा प्रमुख पंकजवाड़ी की अध्यक्षता तथा नगर सह मंत्री चंदन कुमार के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने सांसद पप्पू यादव का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर विरोध जताया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विहिप के जिला सह मंत्री राजीव प्रकाश मधुकर ने आरोप लगाया कि संसद के बाहर राहुल गांधी, पप्पू यादव और अन्य सहयोगियों के बयानों और आचरण से हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।

