जमशेदपुर के दलमा वन्यजीव अभयारण्य में इन दिनों फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप की धूम का असर जंगल तक दिखाई दे रहा है। यहां का नन्हा हाथी ‘बादल’ अपने अनोखे फुटबॉल खेल से पर्यटकों के बीच किसी स्टार खिलाड़ी से कम नहीं लग रहा। जिस तरह दुनिया भर में खिलाड़ी गोल करने की जद्दोजहद में जुटे हैं, उसी तरह ‘बादल’ भी अपनी सूंड और पैरों से गेंद को किक मारकर लोगों को रोमांचित कर रहा है। पर्यटक जब उसके सामने गेंद उछालते हैं, तो वह उसे कभी हल्के तो कभी जोरदार अंदाज में धकेलता है। उसकी हर किक पर लोग तालियां बजाते हैं, मानो किसी बड़े मैच का लाइव नजारा देख रहे हों। घायल से ‘चैंपियन’ बनने तक का है सफर करीब छह महीने पहले पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा इलाके के जंगलों में ‘बादल’ बेहद खराब हालत में मिला था। वह अपनी मां से बिछड़ा हुआ था। उसके शरीर पर कई गंभीर घाव थे। वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे रेस्क्यू कर दलमा लाया। यहां पशु चिकित्सकों और वनकर्मियों ने दिन-रात उसकी देखभाल की। लगातार इलाज, संतुलित आहार और विशेष निगरानी के चलते वह धीरे-धीरे स्वस्थ होता गया। आज वही ‘बादल’ पूरी तरह फिट होकर न सिर्फ दौड़ता-भागता है, बल्कि अपनी चंचल हरकतों से सबका मनोरंजन भी कर रहा है। स्विमिंग पूल में कर रहा अटखेलियां गर्मी के मौसम में ‘बादल’ का स्विमिंग पूल में खेलना भी किसी शो से कम नहीं होता। पानी में उसकी अठखेलियां देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। वह कभी सूंड से पानी उछालता है तो कभी खुद ही उसमें डुबकी लगाकर बाहर आता है। बच्चों के लिए यह अनुभव बेहद खास बन जाता है। सोशल मीडिया पर उसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे उसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अब दलमा आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के साथ-साथ ‘बादल’ को देखने को अपनी प्राथमिकता बना रहे हैं। दलमा की नई पहचान बना ‘बादल’ अभयारण्य में पहले से मौजूद हथिनी ‘रजनी’ पर्यटकों के बीच लोकप्रिय रही है, लेकिन ‘बादल’ की मासूमियत और खेलकूद भरे स्वभाव ने उसे अलग पहचान दिला दी है। डीएफओ सबा आलम अंसारी के अनुसार, ‘बादल’ पूरी तरह स्वस्थ है और तेजी से विकसित हो रहा है। फीफा वर्ल्ड कप के माहौल में उसका फुटबॉल प्रेम लोगों को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है। अब हालात यह हैं कि दलमा का नाम लेते ही लोगों के जेहन में ‘फुटबॉल खेलता हाथी बादल’ जरूर आता है।
दलमा में ‘फुटबॉल स्टार’ बना नन्हा गजराज:फीफा वर्ल्ड कप की धूम के बीच ‘बादल’ की किक ने जीता दिल, पर्यटकों के साथ कर रहा मस्ती
जमशेदपुर के दलमा वन्यजीव अभयारण्य में इन दिनों फीफा फुटबॉल वर्ल्ड कप की धूम का असर जंगल तक दिखाई दे रहा है। यहां का नन्हा हाथी ‘बादल’ अपने अनोखे फुटबॉल खेल से पर्यटकों के बीच किसी स्टार खिलाड़ी से कम नहीं लग रहा। जिस तरह दुनिया भर में खिलाड़ी गोल करने की जद्दोजहद में जुटे हैं, उसी तरह ‘बादल’ भी अपनी सूंड और पैरों से गेंद को किक मारकर लोगों को रोमांचित कर रहा है। पर्यटक जब उसके सामने गेंद उछालते हैं, तो वह उसे कभी हल्के तो कभी जोरदार अंदाज में धकेलता है। उसकी हर किक पर लोग तालियां बजाते हैं, मानो किसी बड़े मैच का लाइव नजारा देख रहे हों। घायल से ‘चैंपियन’ बनने तक का है सफर करीब छह महीने पहले पश्चिमी सिंहभूम के चाईबासा इलाके के जंगलों में ‘बादल’ बेहद खराब हालत में मिला था। वह अपनी मां से बिछड़ा हुआ था। उसके शरीर पर कई गंभीर घाव थे। वन विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे रेस्क्यू कर दलमा लाया। यहां पशु चिकित्सकों और वनकर्मियों ने दिन-रात उसकी देखभाल की। लगातार इलाज, संतुलित आहार और विशेष निगरानी के चलते वह धीरे-धीरे स्वस्थ होता गया। आज वही ‘बादल’ पूरी तरह फिट होकर न सिर्फ दौड़ता-भागता है, बल्कि अपनी चंचल हरकतों से सबका मनोरंजन भी कर रहा है। स्विमिंग पूल में कर रहा अटखेलियां गर्मी के मौसम में ‘बादल’ का स्विमिंग पूल में खेलना भी किसी शो से कम नहीं होता। पानी में उसकी अठखेलियां देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। वह कभी सूंड से पानी उछालता है तो कभी खुद ही उसमें डुबकी लगाकर बाहर आता है। बच्चों के लिए यह अनुभव बेहद खास बन जाता है। सोशल मीडिया पर उसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे उसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। अब दलमा आने वाले पर्यटक जंगल सफारी के साथ-साथ ‘बादल’ को देखने को अपनी प्राथमिकता बना रहे हैं। दलमा की नई पहचान बना ‘बादल’ अभयारण्य में पहले से मौजूद हथिनी ‘रजनी’ पर्यटकों के बीच लोकप्रिय रही है, लेकिन ‘बादल’ की मासूमियत और खेलकूद भरे स्वभाव ने उसे अलग पहचान दिला दी है। डीएफओ सबा आलम अंसारी के अनुसार, ‘बादल’ पूरी तरह स्वस्थ है और तेजी से विकसित हो रहा है। फीफा वर्ल्ड कप के माहौल में उसका फुटबॉल प्रेम लोगों को खास तौर पर आकर्षित कर रहा है। अब हालात यह हैं कि दलमा का नाम लेते ही लोगों के जेहन में ‘फुटबॉल खेलता हाथी बादल’ जरूर आता है।

