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मधुबनी में दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने के मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पवन कुमार पाण्डेय की अदालत ने बाबूबरही थाना क्षेत्र के घंघौर गांव निवासी पति अमलेश राय, उसके पिता रासलाल राय और माता भवानी देवी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, तीनों पर अलग-अलग धाराओं में कुल 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। न्यायालय का फैसला आने के बाद तीनों दोषियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 18 मई 2020 को हुई थी वारदात अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक (पीपी) शिवशंकर प्रसाद राय ने मंगलवार की शाम सात बजे बताया कि यह घटना 18 मई 2020 को घंघौर गांव में हुई थी। मामले में मृतका रितु कुमारी के पति अमलेश राय, सास भवानी देवी और ससुर रासलाल राय पर दहेज की मांग को लेकर उसकी हत्या करने का आरोप था। अभियोजन पक्ष ने अदालत में अपना पक्ष रखते हुए तीनों दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की थी। जानकारी के अनुसार, सोनपताही गांव निवासी रितु कुमारी की शादी वर्ष 2016 में अमलेश राय के साथ हुई थी। दहेज के लिए पत्नी की गला दबाकर हत्या शादी के बाद दहेज को लेकर विवाद होने की बात सामने आई थी। आरोप के मुताबिक, पति ने अपने माता-पिता के साथ मिलकर रितु कुमारी की गला दबाकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद मृतका के भाई ने बाबूबरही थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। प्राथमिकी में मृतका के पति, सास, ससुर और अन्य लोगों को आरोपित किया गया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने न्यायालय के समक्ष अपना पक्ष रखा। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पति अमलेश राय, सास भवानी देवी और ससुर रासलाल राय को सजा सुनाई। न्यायालय के इस फैसले के बाद दहेज हत्या के मामले में तीनों दोषियों को जेल भेज दिया गया।
दहेज हत्या मामले में पति,सास और ससुर को आजीवन कारावास:मधुबनी कोर्ट ने तीनों पर 45-45 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया
