देवघर साइबर थाना पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पथरड्डा ओपी (सारठ) क्षेत्र के सुरा-सुरा जंगल में कुछ साइबर अपराधी सक्रिय हैं। सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। जिसमें सिराजुद्दीन अंसारी (20), चंदन कुमार दास (22) और निलोय कुमार दास (23) को दबोच लिया गया। गिरफ्तार सभी आरोपी देवघर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने मौके से सात मोबाइल फोन और सात सिम कार्ड भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। ये अपराधी फ्लिपकार्ट, अमेजन, एयरटेल बैंकिंग, गूगल पे और फोन पे के नाम पर कॉल कर लोगों से संपर्क करते थे। खुद को अधिकारी बताकर ये लोगों से बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करते और फिर खातों से पैसे उड़ा लेते थे। इतना ही नहीं, आरोपी पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने की भी कोशिश करते थे। एयरटेल बैंकिंग अधिकारी बनकर एयरटेल थैंक्स ऐप के जरिए भी लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। 1930 पर शिकायत कराएं दर्ज देवघर पुलिस ने इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताया है। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन अपराधियों ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है। साथ ही, आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान कॉलर को अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड करने से बचें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
देवघर में तीन साइबर अपराधी गिरफ्तार:गूगल पे-फोन पे के नाम पर करते थे ठगी, ठगी में इस्तेमाल 7 मोबाइल और सिम कार्ड जब्त
देवघर साइबर थाना पुलिस ने तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि पथरड्डा ओपी (सारठ) क्षेत्र के सुरा-सुरा जंगल में कुछ साइबर अपराधी सक्रिय हैं। सूचना के आधार पर टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। जिसमें सिराजुद्दीन अंसारी (20), चंदन कुमार दास (22) और निलोय कुमार दास (23) को दबोच लिया गया। गिरफ्तार सभी आरोपी देवघर जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस ने मौके से सात मोबाइल फोन और सात सिम कार्ड भी जब्त किए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। फर्जी कस्टमर केयर बनकर करते थे ठगी प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी फर्जी कस्टमर केयर प्रतिनिधि और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। ये अपराधी फ्लिपकार्ट, अमेजन, एयरटेल बैंकिंग, गूगल पे और फोन पे के नाम पर कॉल कर लोगों से संपर्क करते थे। खुद को अधिकारी बताकर ये लोगों से बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल करते और फिर खातों से पैसे उड़ा लेते थे। इतना ही नहीं, आरोपी पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर फर्जी एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करने की भी कोशिश करते थे। एयरटेल बैंकिंग अधिकारी बनकर एयरटेल थैंक्स ऐप के जरिए भी लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था। 1930 पर शिकायत कराएं दर्ज देवघर पुलिस ने इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी उपलब्धि बताया है। बरामद मोबाइल और सिम कार्ड की विस्तृत जांच की जा रही है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी के नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन अपराधियों ने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है। साथ ही, आम लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। पुलिस ने कहा है कि किसी भी अनजान कॉलर को अपनी बैंकिंग जानकारी साझा न करें और संदिग्ध लिंक या ऐप डाउनलोड करने से बचें। यदि किसी के साथ साइबर ठगी होती है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।


