धनबाद रेल मंडल के छिपादोहर, बरवाडीह, मंगरा रेलखंड पर दो नई लाइनों के निर्माण कार्य की वजह से धनबाद होकर चलने वाली कई ट्रेनों का रूट बदला गया है। 11631 भोपाल-धनबाद एक्सप्रेस 22, 25 व 26 जून को गढ़वा के बाद गढ़वा लिंक केबिन, सोन नगर, गया होकर धनबाद आएगी। वहीं, 11632 धनबाद-भोपाल 24 व 27 जून को गया, सोननगर, गढ़वा लिंक केबिन के रास्ते गढ़वा जाएगी। 11447 जबलपुर-हावड़ा शक्तिपुंज 22 से 26 जून तक गढ़वा के बाद गढ़वा लिंक केबिन, सोन नगर, गया होकर धनबाद आएगी। 11448 हावड़ा-जबलपुर 23 से 27 जून तक गया, सोननगर, गढ़वा लिंक केबिन के रास्ते गढ़वा होकर जाएगी चलेगी। दो महत्वपूर्ण ट्रेनों के टिकट कोटे में बदलाव इधर, झारखंड के रेल यात्रियों और इलाज के लिए लंबी दूरी की यात्रा करने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। दक्षिण पूर्व रेलवे ने यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए दो महत्वपूर्ण ट्रेनों के टिकट कोटे में बदलाव किया है। नए प्रावधानों के तहत रांची- लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में कोडरमा तक के यात्रियों को जनरल वेटिंग लिस्ट (जीएनडब्ल्यूएल) की सुविधा मिलेगी, जबकि हटिया- एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस से काटपाडी (वेल्लोर) जाने वाले यात्रियों को भी अब जीएनडब्ल्यूएल कोटे का लाभ मिलेगा। इससे झारखंड के हजारों यात्रियों, विशेषकर इलाज के लिए वेल्लोर जाने वाले मरीजों और उनके परिजनों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। जेडआरयूसीसी के सदस्य अरुण जोशी ने बताया कि यात्रियों की इस लंबे समय से लंबित मांग को हाल में कोलकाता में हुई बैठक में हमने प्रमुखता से उठाया था, जिसके बाद रेलवे प्रशासन ने इसे मंजूरी दी है। रांची-एलटीटी एक्सप्रेस में बढ़ेगी सुविधा
12 अगस्त से ट्रेन संख्या 18609 रांची-लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस में कोडरमा तक यात्रा करने वाले यात्रियों को भी जनरल वेटिंग लिस्ट (जीएनडब्ल्यूएल) का लाभ मिलेगा। अब तक यह सुविधा केवल दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक उपलब्ध थी। वहीं, 18 अगस्त से हटिया-एसएमवीटी बेंगलुरु सुपरफास्ट एक्सप्रेस (12835) में काटपाडी (वेल्लोर) तक यात्रा करने वाले झारखंड के यात्रियों को भी जीएनडब्ल्यूएल कोटा मिलेगा। अभी तक उन्हें पीक्यूडब्ल्यूएल के तहत टिकट मिलती थी, जिससे वेटिंग क्लियर होने की संभावना बहुत कम रहती थी। हटिया-बेंगलुरु एक्सप्रेस और रांची-एलटीटी एक्सप्रेस में किए गए संशोधन से वेल्लोर और मुंबई रूट पर यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी तथा प्रतीक्षा सूची का दबाव कम होगा। – श्रेया सिंह, सीनियर डीसीएम, रांची रेल मंडल


