धनबाद जिले के पूटकी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपालीचक स्थित एसएनआर आउटसोर्सिंग कंपनी में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में 54 वर्षीय कर्मी की मौत हो गई। मृतक की पहचान गोधरा 4 नंबर निवासी रामस्वरूप चौहान के रूप में हुई है। वह पिछले चार वर्षों से सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग कंपनी में सुपरवाइजर (स्विफ्ट इंचार्ज) के पद पर कार्यरत थे। घटना ड्यूटी के दौरान हुई, जिससे कार्यस्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। 12 चक्का वाल्वो टिपर की चपेट में आए मिली जानकारी के अनुसार, रामस्वरूप चौहान काम के दौरान एक 12 चक्का वाल्वो टिपर की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि भारी वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) रेफर कर दिया गया। अस्पताल में तोड़ा दम, परिजनों ने लगाए आरोप एसएनएमएमसीएच में चिकित्सकों ने जांच के बाद रामस्वरूप चौहान को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजन गुड्डू चौहान ने बताया कि उन्हें फोन के माध्यम से हादसे की जानकारी मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी वाहन उनके कमर के पास चढ़ गया था, जिससे उनकी मौके पर ही गंभीर स्थिति हो गई और बाद में उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे आदर्श कुमार ने कहा कि उनके पिता सुबह सामान्य रूप से ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, लेकिन कुछ ही देर बाद यह दुखद खबर आ गई। मुआवजे को लेकर उठे सवाल घटना के बाद परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अब तक मुआवजे को लेकर कंपनी की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इधर, कंपनी के इंचार्ज श्रीराम पांडे ने बताया कि घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
धनबाद में आउटसोर्सिंग कंपनी में हादसा:12 चक्का टिपर की चपेट में आकर सुपरवाइजर घायल, अस्पताल में मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
धनबाद जिले के पूटकी थाना क्षेत्र अंतर्गत गोपालीचक स्थित एसएनआर आउटसोर्सिंग कंपनी में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में 54 वर्षीय कर्मी की मौत हो गई। मृतक की पहचान गोधरा 4 नंबर निवासी रामस्वरूप चौहान के रूप में हुई है। वह पिछले चार वर्षों से सिंह नेचुरल आउटसोर्सिंग कंपनी में सुपरवाइजर (स्विफ्ट इंचार्ज) के पद पर कार्यरत थे। घटना ड्यूटी के दौरान हुई, जिससे कार्यस्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। 12 चक्का वाल्वो टिपर की चपेट में आए मिली जानकारी के अनुसार, रामस्वरूप चौहान काम के दौरान एक 12 चक्का वाल्वो टिपर की चपेट में आ गए। बताया जा रहा है कि भारी वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मारी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के तुरंत बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें आनन-फानन में एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) रेफर कर दिया गया। अस्पताल में तोड़ा दम, परिजनों ने लगाए आरोप एसएनएमएमसीएच में चिकित्सकों ने जांच के बाद रामस्वरूप चौहान को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। मृतक के परिजन गुड्डू चौहान ने बताया कि उन्हें फोन के माध्यम से हादसे की जानकारी मिली थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी वाहन उनके कमर के पास चढ़ गया था, जिससे उनकी मौके पर ही गंभीर स्थिति हो गई और बाद में उनकी मौत हो गई। मृतक के बेटे आदर्श कुमार ने कहा कि उनके पिता सुबह सामान्य रूप से ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, लेकिन कुछ ही देर बाद यह दुखद खबर आ गई। मुआवजे को लेकर उठे सवाल घटना के बाद परिजनों ने कंपनी प्रबंधन पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि अब तक मुआवजे को लेकर कंपनी की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इधर, कंपनी के इंचार्ज श्रीराम पांडे ने बताया कि घटना की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

