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आयकर विभाग की अनुसंधान शाखा का पनाश रियल्टर्स और दयानंद मोदी समूह के ठिकानों पर सर्वे गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। शुरुआती जांच में विभाग को 50 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित आय के सुराग मिले हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों समूहों ने कच्चे कागजों (बिना वैध दस्तावेज) पर बड़े पैमाने पर लेनदेन किया। विभाग के अनुसार जमीन मालिकों और बिल्डरों की मिलीभगत से करोड़ों रुपए की टैक्स चोरी की गई, जिसके दस्तावेजी सबूत भी मिले हैं। जांच में यह भी पता चला है कि इन परियोजनाओं में फ्लैट खरीदने वाले कई लोगों ने भुगतान का बड़ा हिस्सा नकद दिया है। अब आयकर विभाग ऐसे खरीदारों से भी पूछताछ करेगा। आयकर विभाग ने बुधवार को पनाश रियल्टर्स और दयानंद मोदी समूह से जुड़े ठिकानों पर सर्वे शुरू किया था। आगे क्या…70% तक लग सकती है पेनाल्टी
अब तक मिले 50 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित आय के आधार पर आयकर विभाग संबंधित धाराओं के तहत 30 से 70% तक पेनाल्टी लगाने की कार्रवाई कर सकता है। अधिकारी जब्त बही-खातों और डिजिटल डेटा की गहन जांच कर रहे हैं, ताकि अघोषित आय के स्रोतों का पता लगाया जा सके।

