भास्कर न्यूज | बोकारो थर्मल डीवीसी के नूरीनगर स्थित ऐश पॉन्ड तक जाने वाली स्लरी पाइपलाइन फटने से राखयुक्त गंदा पानी सीधे नदी में पहुंच गया। यह घटना 27 जून की रात करीब आठ बजे लाल चौक खटाल के पास हुई। पाइपलाइन फटने से आसपास के इलाके में भी राख मिश्रित पानी फैल गया, जिससे पर्यावरण प्रदूषण की आशंका बढ़ गई। घटना की सूचना मिलने के बाद सोमवार को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। बोर्ड के अधिकारी सौगत महतो ने नदी से लेकर लाल चौक खटाल तक पूरे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान डीवीसी के विभागीय डीजीएम तिताबार रहमान और वरीय प्रबंधक सचिन बोदलकर भी मौजूद रहे। निरीक्षण में टीम ने पाया कि पाइपलाइन से निकलने वाला राखयुक्त पानी सीधे नदी में बह रहा था। इसके बाद प्रदूषण के स्तर का पता लगाने के लिए नदी के विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को जांच के लिए रांची स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। सौगत महतो ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्यालय भेजा जाएगा। रिपोर्ट और मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के आधार पर डीवीसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन फटने की ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। उन्होंने मांग की है कि डीवीसी पाइपलाइन की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में नदी और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण की ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
नदी में फैला छाईयुक्त गंदा पानी, प्रदूषण बोर्ड ने डीवीसी अधिकारियों संग की जांच
भास्कर न्यूज | बोकारो थर्मल डीवीसी के नूरीनगर स्थित ऐश पॉन्ड तक जाने वाली स्लरी पाइपलाइन फटने से राखयुक्त गंदा पानी सीधे नदी में पहुंच गया। यह घटना 27 जून की रात करीब आठ बजे लाल चौक खटाल के पास हुई। पाइपलाइन फटने से आसपास के इलाके में भी राख मिश्रित पानी फैल गया, जिससे पर्यावरण प्रदूषण की आशंका बढ़ गई। घटना की सूचना मिलने के बाद सोमवार को झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। बोर्ड के अधिकारी सौगत महतो ने नदी से लेकर लाल चौक खटाल तक पूरे प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया। जांच के दौरान डीवीसी के विभागीय डीजीएम तिताबार रहमान और वरीय प्रबंधक सचिन बोदलकर भी मौजूद रहे। निरीक्षण में टीम ने पाया कि पाइपलाइन से निकलने वाला राखयुक्त पानी सीधे नदी में बह रहा था। इसके बाद प्रदूषण के स्तर का पता लगाने के लिए नदी के विभिन्न स्थानों से पानी के नमूने एकत्र किए गए। इन नमूनों को जांच के लिए रांची स्थित प्रयोगशाला भेजा जाएगा। सौगत महतो ने बताया कि जांच रिपोर्ट तैयार होने के बाद उसे राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के मुख्यालय भेजा जाएगा। रिपोर्ट और मुख्यालय से प्राप्त निर्देशों के आधार पर डीवीसी के खिलाफ आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन फटने की ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। उन्होंने मांग की है कि डीवीसी पाइपलाइन की नियमित निगरानी और समय पर मरम्मत सुनिश्चित करे, ताकि भविष्य में नदी और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण की ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

