नवादा पुलिस ने चौकीदार जितेंद्र पासवान हत्याकांड के मुख्य आरोपी गौतम उर्फ रामपत यादव को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने सोमवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। एसपी अभिनव धीमान के अनुसार, यह घटना 10 मई 2026 को रात करीब 8:15 बजे धमौल थाना क्षेत्र में हुई थी। चौकीदार जितेंद्र पासवान (7/1), जो तुर्कबन गांव के निवासी थे, को गौतम उर्फ रामपत यादव (22) और अन्य अज्ञात अपराधियों ने चाकू मारकर घायल कर दिया था। इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया
घायल जितेंद्र पासवान को तत्काल इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, पकरीबरावां भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए पीएमसीएच पटना रेफर कर दिया। दुर्भाग्यवश, 11 मई 2026 की सुबह इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस गंभीर मामले को देखते हुए, नवादा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसडीपीओ पकरीबरावां के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने लगातार छापेमारी कर पहले ही इस मामले में दो अन्य अभियुक्तों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। बदला लेने के इरादे से चौकीदार पर नजर रख रहा था
पुलिस टीम मुख्य अभियुक्त गौतम उर्फ रामपत यादव की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयासरत थी। 18 मई 2026 को सटीक सूचना और ह्यूमन इंटेलिजेंस के आधार पर उसे चेवाड़ा थाना (शेखपुरा) क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्त को थाना परिसर लाया गया और उससे गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि पुराने विवाद के कारण उसके मन में द्वेष की भावना थी। बदला लेने के इरादे से वह दो-तीन दिनों से चौकीदार पर नजर रख रहा था और सही समय व स्थान देखकर उसने इस घटना को अंजाम दिया। पूछताछ पूरी होने के बाद, गिरफ्तार अभियुक्त गौतम उर्फ रामपत यादव को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान गौतम उर्फ रामपत यादव, पिता आनंदी यादव, निवासी तुर्कबन, थाना धमौल, जिला नवादा के रूप में हुई है।

