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नवादा के चर्चित सुनील रजक हत्याकांड में अदालत ने उसकी पत्नी सरिता देवी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उसे सात साल के सश्रम कारावास और 25 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है। वर्ष 2024 में हुए इस हत्याकांड में शव के टुकड़े अलग-अलग जगहों से बरामद किए गए थे। मामला रोह थाना क्षेत्र के बरापांडेया गांव से जुड़ा है। 12 मार्च 2024 को बरापांडेया और सुंदरा गांव के बीच सड़क किनारे स्थित आहर से बोरे में बंद सुनील रजक का धड़ बरामद किया गया था। जांच के दौरान मृतक का सिर, हाथ और पैर भी अलग-अलग जगहों से मिले थे। शव के टुकड़े मिलने की खबर से इलाके में सनसनी फैल गई थी। बाद में कपड़ों और चप्पल के आधार पर उसकी पत्नी सरिता देवी ने शव की पहचान सुनील रजक के रूप में की थी। जांच में पत्नी और दो कथित प्रेमियों की संलिप्तता सामने आई थी घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में तकनीकी साक्ष्यों की मदद से हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया गया। पुलिस जांच में सरिता देवी और उसके दो कथित प्रेमियों की संलिप्तता सामने आने की बात कही गई थी। आरोप था कि हत्या की साजिश रचने के बाद शव के छह टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिए गए, ताकि मृतक की पहचान छिपाई जा सके। पति की गुमशुदगी दर्ज कराने खुद थाने पहुंची थी सरिता इस मामले का एक अहम पहलू यह भी था कि पति के लापता होने के बाद सरिता देवी खुद थाने पहुंची थी और उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, जांच आगे बढ़ने के साथ पुलिस को तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अहम जानकारियां मिलीं। इसके बाद मामले में कार्रवाई आगे बढ़ी। अदालत ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा अब अदालत ने सरिता देवी को आजीवन कारावास और सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत के इस फैसले के साथ वर्ष 2024 के चर्चित सुनील रजक हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रम सामने आया है।
नवादा में सुनील रजक हत्याकांड में पत्नी को उम्रकैद:7 साल का सश्रम कारावास और 25 हजार जुर्माना, 2024 में 6 टुकड़ों में मिला था शव
