नवादा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। एक सड़क हादसे में घायल दो युवकों की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों को अस्पताल लाया गया था, उस समय उनकी सांसें चल रही थीं, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका। मृतकों की पहचान मोहम्मद कैफ (22) और मोहम्मद गुलजार (22) के रूप में हुई है। दोनों युवक एक ही बाइक से जा रहे थे, तभी सुपौल गांव के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने के बाद भी नहीं मिला इलाज, परिजनों का आरोप परिजनों के अनुसार हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को तुरंत सदर अस्पताल लाया गया। उनका कहना है कि दोनों युवक उस वक्त जीवित थे और इलाज की जरूरत थी। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो सके। परिजनों ने आरोप लगाया कि करीब दो घंटे तक इलाज नहीं मिलने के कारण दोनों युवकों की हालत बिगड़ती गई और आखिरकार उनकी मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने अस्पताल प्रबंधक को घेरा दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। सदर अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य को घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई। अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य ने बताया कि डॉक्टर मुकेश कुमार दूसरे वार्ड में गए थे और वापस आ रहे थे, लेकिन इसी बीच विवाद बढ़ गया। डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोग पहले भी सवाल उठाते रहे हैं। लोगों का कहना है कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति, स्टाफ की कमी और इलाज की सुविधाओं का अभाव मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनता है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। वहीं, परिजनों ने अस्पताल की लापरवाही की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। एक सड़क हादसे में घायल दो युवकों की मौत ने नवादा की स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। परिवार अब सिर्फ यही सवाल पूछ रहा है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो क्या दोनों युवकों की जान बच सकती थी?
नवादा सदर अस्पताल में डॉक्टर का इंतजार करते रहे घायल:इलाज के अभाव में दो युवकों की मौत का आरोप, परिजन का दावा-जिंदा लाए थे दोनों युवक
नवादा सदर अस्पताल में स्वास्थ्य व्यवस्था की लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया। एक सड़क हादसे में घायल दो युवकों की इलाज के अभाव में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि दोनों युवकों को अस्पताल लाया गया था, उस समय उनकी सांसें चल रही थीं, लेकिन डॉक्टर उपलब्ध नहीं होने के कारण समय पर इलाज नहीं मिल सका। मृतकों की पहचान मोहम्मद कैफ (22) और मोहम्मद गुलजार (22) के रूप में हुई है। दोनों युवक एक ही बाइक से जा रहे थे, तभी सुपौल गांव के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल पहुंचने के बाद भी नहीं मिला इलाज, परिजनों का आरोप परिजनों के अनुसार हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों युवकों को तुरंत सदर अस्पताल लाया गया। उनका कहना है कि दोनों युवक उस वक्त जीवित थे और इलाज की जरूरत थी। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद काफी देर तक डॉक्टर उपलब्ध नहीं हो सके। परिजनों ने आरोप लगाया कि करीब दो घंटे तक इलाज नहीं मिलने के कारण दोनों युवकों की हालत बिगड़ती गई और आखिरकार उनकी मौत हो गई। गुस्साए लोगों ने अस्पताल प्रबंधक को घेरा दो युवकों की मौत की खबर मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। सदर अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू हो गया। आक्रोशित लोगों ने अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य को घेर लिया और उनके साथ मारपीट कर दी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी की स्थिति बन गई। अस्पताल प्रबंधक कुमार आदित्य ने बताया कि डॉक्टर मुकेश कुमार दूसरे वार्ड में गए थे और वापस आ रहे थे, लेकिन इसी बीच विवाद बढ़ गया। डॉक्टरों की अनुपस्थिति पर पहले भी उठते रहे हैं सवाल सदर अस्पताल की व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोग पहले भी सवाल उठाते रहे हैं। लोगों का कहना है कि डॉक्टरों की अनुपस्थिति, स्टाफ की कमी और इलाज की सुविधाओं का अभाव मरीजों के लिए परेशानी का कारण बनता है। इस घटना ने एक बार फिर सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिस घटना की सूचना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अज्ञात वाहन की पहचान करने में जुटी है। वहीं, परिजनों ने अस्पताल की लापरवाही की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। एक सड़क हादसे में घायल दो युवकों की मौत ने नवादा की स्वास्थ्य व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है। परिवार अब सिर्फ यही सवाल पूछ रहा है कि अगर समय पर इलाज मिल जाता तो क्या दोनों युवकों की जान बच सकती थी?

